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- Lucknow SCERT Protest: 6800 Teacher Recruitment Candidates Demand Justice
लखनऊ14 मिनट पहले
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लखनऊ में इससे पहले 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने लगातार 640 दिनों तक धरना दिया था।
69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था के कथित गलत अनुपालन से प्रभावित 6800 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर 29 अगस्त से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। अभ्यर्थी लखनऊ स्थित SCERT कैंपस में आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि करीब सात वर्षों से वे नियुक्ति और न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
5 जनवरी 2022 को जारी हुई थी 6800 अभ्यर्थियों की सूची
अभ्यर्थियों के मुताबिक 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों के क्रियान्वयन में विसंगतियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी चयन और नियुक्ति से वंचित रह गए। लगातार विरोध और आपत्तियों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने 5 जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी। इसके बाद भी सूची में शामिल अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है।
बोले- किसी का हक नहीं छीनना, संवैधानिक अधिकार की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी दूसरे अभ्यर्थी का अधिकार छीनने के लिए नहीं है। वे अपने संवैधानिक अधिकार, न्यायपूर्ण चयन और नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्षों से मामला लंबित रहने के कारण सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि 5 जनवरी 2022 को जारी 6800 अभ्यर्थियों की सूची में शामिल पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की तत्काल मुलाकात कराने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल सरकार के सामने पूरे मामले, लंबित नियुक्तियों और प्रभावित अभ्यर्थियों की समस्याओं को रखना चाहता है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
SC में हो रही है सुनवाई
इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉर्ज मेसी की डबल बेंच में हो रही थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक बहुत जल्द इस पर निर्णय आने वाला था। पर अचानक से सुनवाई कर ही बेंच को बदल दिया गया। इससे अब फाइनल डिसीजन आने में और समय लगेगा। यही कारण है कि वापस लखनऊ आकर अभ्यर्थी आंदोलन शुरू करने को मजबूर हुए है।
लगातार 640 दिनों तक चला था धरना
इससे पहले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों को सही तरीके से लागू न करने के खिलाफ 16 जून 2022 से लगातार 640 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान कई मंत्रियों के आवास का भी घेराव किया था। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्णय आया और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा।
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