Published: Monday, September 7, 2026, 17:25 [IST]
मुंबई के दहिसर वेस्ट से सामने आया एक वीडियो सोमवार, 7 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो कंदरपाड़ा स्थित बापू बागवे रोड के पास महेश्वर बिल्डिंग का है, जहां एक खड़ी कार के बोनट से रेस्क्यू टीम 7 फीट लंबे अजगर को बाहर निकालती दिख रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। स्वास्थ्य जांच के बाद अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
यह अजगर कार में कब घुसा, इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आई हैं। मिड-डे के मुताबिक इसे शनिवार दोपहर देखा गया था, जबकि आज तक की रिपोर्ट में इसे रविवार शाम का मामला बताया गया है। यह क्लिप आज वायरल हुई, जिसमें एनडीटीवी ने रेस्क्यू करने वाले स्नेक सेवर की पहचान समीर गुप्ता के रूप में की है। रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम अजगर को संजय गांधी नेशनल पार्क में छोड़ने के लिए ले गई।
मुंबई: कार के बोनट में क्यों छुपा अजगर? बारिश और नेशनल पार्क से नजदीकी बड़ी वजह
मानसून की बारिश के दौरान चूहे अक्सर छुपने के लिए गाड़ियों का रुख करते हैं और उनका शिकार करते हुए अजगर भी पीछे-पीछे आ पहुंचते हैं। कार के इंजन का गर्म और सुरक्षित हिस्सा बारिश व शिकारियों से बचने के लिए इन जीवों को काफी मुफीद लगता है। दहिसर का इलाका संजय गांधी नेशनल पार्क से सटा हुआ है, इसलिए बारिश के दिनों में यहां ऐसे मामले बढ़ जाते हैं। अगर आप पार्क या हरियाली के आसपास खुली जगह में रात भर गाड़ी पार्क करते हैं, तो यह खतरा और बढ़ जाता है।
ग्रीन जोन के पास रहने वाले कार मालिक मानसून में रखें इन बातों का ध्यान
| गाड़ी स्टार्ट करने से पहले क्या जांचें | यह क्यों जरूरी है |
|---|---|
| टॉर्च लेकर गाड़ी के चारों ओर देखें, अंडरबॉडी, व्हील आर्च और विंडशील्ड के निचले हिस्से (काउल) की जांच करें। | बिना ज्यादा पास गए किसी भी हलचल का तुरंत पता चल जाता है। |
| बीट (मल), केंचुली या गाड़ी के आसपास बिखरे पत्तों को ध्यान से देखें। | शुरुआती संकेत मिलने से किसी अनहोनी से बचाव हो जाता है। |
| बोनट को धीरे से खोलें और कुछ भी छूने से पहले ध्यान से अंदर देखें। | इंजन बे में छिपे जीव को अचानक घबराहट नहीं होती। |
| इंजन की तंग या छिपी हुई जगहों में कभी भी सीधा हाथ न डालें। | सांप या किसी अन्य जीव के काटने का खतरा टल जाता है। |
| अगर कोई शक हो, तो तुरंत पीछे हटें और सर्टिफाइड रेस्क्यूअर्स को फोन करें। | इससे इंसान और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहते हैं। |
मुंबई स्नेक रेस्क्यू हेल्पलाइन: किसे करें कॉल और किन गलतियों से बचें
| विभाग / संस्था | हेल्पलाइन नंबर |
|---|---|
| फॉरेस्ट/वाइल्डलाइफ (BMC) | 1926 |
| BMC डिजास्टर मैनेजमेंट | 1916 |
| डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम | 1077 |
| मुंबई पुलिस | 100 / 112 |
अगर कार में सांप दिख जाए तो भूलकर भी इंजन स्टार्ट न करें, लकड़ी से छेड़ने, पानी डालने या खुद पकड़ने की गलती न करें। लोगों को गाड़ी से दूर रखें, अपनी सटीक लोकेशन नोट करें और ऊपर दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि मानसून के दौरान कार की रूटीन जांच करते समय भी इंजन बे के अंदर सीधे हाथ डालने से बचें।