US Israel Iran War: जर्मनी में अमेरिका-इजरायल समेत 7 अरब देशों की सीक्रेट मीटिंग हुई. इसमें ईरान के खिलाफ तैयारी पर चर्चा हुई. अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख एडमिरल ब्रेड कूपर ने बैठक की अध्यक्षता की. एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ.
US Israel Iran War: जर्मनी में अमेरिका-इजरायल समेत 7 अरब देशों की सीक्रेट मीटिंग हुई. इसमें ईरान के खिलाफ तैयारी पर चर्चा हुई. अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख एडमिरल ब्रेड कूपर ने बैठक की अध्यक्षता की. एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ.
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US Israel Iran War
US Israel Iran War: 6 महीनों के बाद भी ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हालात ठीक नहीं है. लगातार अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं. वहीं ईरान भी दोनों को अलग अलग तरीके से मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. इसी बीच जर्मनी में अमेरिका-इजरायल समेत 7 अरब देशों की सीक्रेट मीटिंग हुई. इसमें ईरान के खिलाफ तैयारी पर चर्चा हुई. इस खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ.
एक्सियोस की एक रिपोर्ट में दो इजरायली अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया गया है कि अमेरिका, इजरायल और 7 अरब देशों के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने पिछले सप्ताह जर्मनी में एक निजी बैठक की. इसमें ईरान के साथ चल रहे युद्ध और मध्य पूर्व में व्यापक सुरक्षा तनावों पर विचार-विमर्श किया गया. हूतियों के हमलों के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है.
अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख एडमिरल ब्रेड कूपर की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक की जानकारी किसी भी भाग लेने वाली सरकार ने सार्वजनिक नहीं की. यह बैठक उस समय हुई, जब अमेरिका और इजरायल को ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में आए छह महीने से अधिक समय हो चुका था. यह इस तरह का पहला बड़ा शिखर सम्मेलन था.
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ये देश हुए शामिल
इस चर्चा में इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए. यह राजनयिक और सैन्य गठबंधन विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि भाग लेने वाले कई अरब देशों के इज़राइल के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि जर्मनी में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें 8 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए. इस बैठक का उद्देश्य मध्य पूर्व में सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना था.
बैठक में होर्मुज पर चर्चा
एक्सियोस के मुताबिक, बैठक के दौरान एडमिरल ब्रैड कूपर ने कमांडरों को बताया कि ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले के बावजूद अमेरिका की मध्य पूर्व से अपनी सेना हटाने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बढ़ाने के लिए क्या कदम उठा रहा है. वहीं, इजरायल रक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल एयाल जमीर ने अलग-अलग मोर्चों पर चल रहे इजरायली सैन्य अभियानों की जानकारी दी.
इजरायल और अरब देशों में बढ़ा सैन्य सहयोग
2020 में हुए अब्राहम समझौते के बाद से इजरायल और कई अरब देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ा है. खासतौर पर हवाई सुरक्षा और मिसाइलों से बचाव के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग ज्यादा देखने को मिला है. युद्ध के दौरान इजरायल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका के साथ मिलकर कई रक्षात्मक और सैन्य गतिविधियों में सहयोग किया. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, इजरायल ने UAE में अपनी आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात की. इसके अलावा, उसने खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और इलाके पर नजर रखने में भी UAE की मदद की.
क्यों अहम है बैठक?
ये उच्च स्तरीय बातचीत ऐसे समय में हुई, जब सऊदी अरब पर हूथी विद्रोहियों के हमले बढ़ रहे हैं और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के आसपास उनका प्रभाव भी बढ़ता जा रहा है. एक्सियोस के मुताबिक, इजरायल और सऊदी अरब अमेरिका की सेंट्रल कमांड के साथ मिलकर इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि हूथियों के खिलाफ सऊदी सैन्य कार्रवाई में इजरायल किस तरह मदद कर सकता है. इसमें खुफिया जानकारी साझा करने और निगरानी में सहायता देने जैसे विकल्प शामिल हैं.
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