
छात्र आंदोलन की पूरी कहानीImage Credit source: PTI (फाइल फोटो)
महज 70 दिन के अंदर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था बल्कि देश की राजनीति को भी हिलाकर रख दिया. हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए और विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच भी तीखी बयानबाजी देखने को मिली. इसी बीच सीबीएसई का OSM विवाद सामने आ गया और छात्रों के आंदोलन से एक नए राजनीतिक मंच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी उदय हुआ, जिसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन को समर्थन दिया. इसके अलावा छात्रों को आंदोलन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला और ये सभी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे, जो अब हो गया है. आइए जानते हैं कि इन 70 दिनों में क्या-क्या हुआ, कैसे-कैसे मोड़ आए, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया.
इस आंदोलन की शुरुआत तब हुई जब नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आए. इसके बाद छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और फिर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. शुरुआत में तो ये आंदोलन सिर्फ NEET की परीक्षा दोबारा कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तक सीमित था, लेकिन बाद में आंदोलन ने अपना रूप बदला और छात्रों की मांगें बढ़ती चली गईं. इसके बाद सरकार ने मामले की जांच शुरू कराई और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया. हालांकि इसके बावजूद छात्र आंदोलन पर अड़े रहे. उनका कहना था कि सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं हैं, बल्कि जवाबदेही भी तय होनी चाहिए.
आंदोलन ने लिया राजनीतिक रूप
जैसे-जैसे छात्रों का आंदोलन तेज हुआ, विपक्षी दलों ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठानी शुरू कर दी. उसके बाद सड़कों से लेकर संसद तक हर जगह पेपर लीक का ही मुद्दा गूंजने लगा. इसी बीच कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगाए. इसी दौरान अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक नया राजनीतिक मंच बनाया, जो छात्रों के समर्थन में आंदोलन में कूद गई.
दिल्ली बना आंदोलन का केंद्र
छात्रों के इस आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र दिल्ली बना, जहां आंदोलनकारी छात्रों ने संसद मार्च भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए. इस दौरान कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ, जिसमें कई छात्र भी घायल हुए और कई पुलिसकर्मी भी. कनॉट प्लेस के आसपास तो प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर पथराव और बोतलें फेंकी गईं और इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस ने दावा किया कि जानबूझकर पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा था.
सरकार और विपक्ष हुए आमने-सामने
पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार का कहना था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. सत्ता पक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि विपक्ष का कहना था कि सरकार जवाबदेही से बच रही है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने लगातार प्रदर्शन किए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की.
आंदोलन में सोनम वांगचुक की हुई एंट्री
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होकर भूख हड़ताल शुरू की थी. वह कई दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे. इस दौरान तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया. सोनम वांगचुक की भी कई मांगें थीं, जिसमें पहली तो ये थी कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.
देशभर में प्रदर्शन के बीच प्रधान ने दिया इस्तीफा
सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया था, जिसमें बिहार के कई जिले और कोलकाता, लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद और चेन्नई शामिल हैं. इन विरोध प्रदर्शनों और लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद विपक्षी दलों के कई नेताओं के बयान सामने आए, जिसमें उन्होंने इसे छात्रों की जीत बताया. इसके साथ ही सीजेपी (CJP) ने भी जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया.
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सोनू शर्मा
TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर सीनियर सब एडिटर कार्यरत हैं. यहां ट्रेंडिंग डेस्क पर काम करते हैं. न्यूज चैनल और डिजिटल मीडिया में 8 साल से अधिक का अनुभव है. पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता स्थित NSHM कॉलेज से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. उसके बाद IBN7 (अब न्यूज18 इंडिया) में इंटर्नशिप की. फिर बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर सुदर्शन न्यूज चैनल से जुड़े. यहां स्पोर्ट्स टीम के साथ काम किया. फिर बिहार के पटना स्थित आर्यन न्यूज (बतौर प्रोड्यूसर), दिल्ली स्थित नेड्रिक न्यूज (बतौर सब एडिटर) और अमर उजाला जैसे संस्थानों में काम किया. अमर उजाला डिजिटल में बतौर सब एडिटर नेशनल और इंटरनेशनल बीट के साथ-साथ ट्रेंडिंग, ऑड, स्पोर्ट्स, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट पर काम किया. यहां शिफ्ट हेड की भूमिका भी निभाई. उसके बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़ा. ट्रेंडिंग के साथ-साथ ऑड न्यूज, हेल्थ, साइंस और रिसर्च में बेहतरीन पकड़ है. किताबें पढ़ने का शौक है
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