Published: Saturday, September 12, 2026, 10:18 [IST]
National Film Awards 2026: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स इस बार अपनी विजेता फिल्मों और कलाकारों से ज्यादा समारोह की जगह को लेकर चर्चा में हैं। हर साल दिल्ली में होने वाला ये प्रतिष्ठित समारोह इस बार गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित किया जाएगा। 22 सितंबर 2026 को होने वाली इस सेरेमनी को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी बहस तेज हो गई है।
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को लेकर क्या बोले राज ठाकरे?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने समारोह को गुजरात ले जाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं बॉलीवुड एक्टर परेश रावल ने सरकार के फैसले का खुलकर बचाव किया है। विवाद इतना बढ़ गया है कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने कलाकारों से समारोह का बहिष्कार करने तक की अपील कर दी है।
गुजरात में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स कराने पर क्यों मचा बवाल?
-नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का समारोह लंबे समय से दिल्ली में आयोजित होता आया है। ऐसे में जब सरकार ने 72वें समारोह के लिए गुजरात के केवड़िया को चुना तो इस फैसले ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया। सरकार की ओर से कहा गया है कि अब ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों को सिर्फ राजधानी तक सीमित रखने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किया जाएगा।
-इस साल एकता नगर में होने वाली सेरेमनी को देश के अलग-अलग हिस्सों से फिल्मी प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को सामने रखने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन महाराष्ट्र के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ आयोजन स्थल बदलने का फैसला मानने के बजाय इसके पीछे की राजनीतिक मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं।
'गुजरात क्या बांग्लादेश या पाकिस्तान में है?'
-जहां इस फैसले को लेकर विरोध के स्वर तेज हैं, वहीं बॉलीवुड एक्टर परेश रावल ने सरकार के कदम का सपोर्ट किया है। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि गुजरात भी भारत का ही हिस्सा है और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों का आयोजन देश के अलग-अलग राज्यों में होना चाहिए।
-परेश रावल ने तीखे अंदाज में कहा कि आखिर गुजरात में ये समारोह क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल किया कि क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है। एक्टर का कहना था कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को केवल दिल्ली तक सीमित रखने की कोई जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक ऐसे बड़े आयोजनों को देश के अलग-अलग राज्यों में ले जाना चाहिए ताकि हर क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर बराबर जगह मिल सके।
राज ठाकरे ने पूछा- गुजरात को ही क्यों चुना गया?
-परेश रावल के बयान के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूछा कि अगर नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को दिल्ली से बाहर ले जाने का फैसला किया गया था, तो मुंबई को इसकी मेजबानी का मौका क्यों नहीं दिया गया।
-राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के साथ-साथ तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों का भी जिक्र किया, जहां फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा आधार है। उनका सवाल था कि जब देश के कई प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र मौजूद हैं तो समारोह के लिए गुजरात को ही क्यों चुना गया।
राज ठाकरे ने फैसले की मंशा पर भी उठाए सवाल
-राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि गुजरात को लगातार बड़े राष्ट्रीय आयोजनों के लिए चुना जाना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने मुंबई और दिल्ली के महत्व को कम करने तथा गुजरात को बढ़ावा देने की कोशिश का आरोप लगाया।
-राज ठाकरे ने ये भी कहा कि भारत की पहचान सिर्फ किसी एक राज्य से नहीं बल्कि देश के हर हिस्से के योगदान से बनी है। उनके मुताबिक नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जैसे समारोह की जगह बदलना केवल एक आयोजन स्थल बदलने का मामला नहीं है बल्कि इसके पीछे की सोच पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने केंद्र पर लगाया राज्यों के बीच दीवार खड़ी करने का आरोप
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच एक तरह की राजनीतिक दीवार खड़ी करने की कोशिश की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की सेरेमनी को गुजरात में आयोजित करने की जरूरत क्यों महसूस हुई। उनके बयान के बाद ये विवाद और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता नजर आया।
संजय राउत ने कलाकारों से की समारोह के बहिष्कार की अपील
-शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी सरकार के फैसले पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी सिर्फ गुजरात के प्रधानमंत्री हैं। संजय राउत ने कहा कि आम तौर पर राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम राजधानी दिल्ली में आयोजित होते हैं, ऐसे में इस समारोह को गुजरात ले जाने का फैसला सवाल खड़े करता है।
-संजय राउत ने इसे गुजरात चुनाव से जोड़ते हुए सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया। इतना ही नहीं, उन्होंने कलाकारों से गुजरात में आयोजित होने वाले समारोह में शामिल न होने की अपील भी की। राउत के इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।
22 सितंबर 2026 को एकता नगर में होगा समारोह
-72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की सेरेमनी 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित होगी। यही वह स्थान है जहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाने वाली स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
-इस बार समारोह का दिल्ली से बाहर होना अपने आप में एक बड़ा बदलाव है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की सेरेमनी दिल्ली से बाहर हुई हो। 1971 में 17वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन चेन्नई में किया गया था।
कार्तिक आर्यन और मामूट्टी को मिला बेस्ट एक्टर का सम्मान
अब बात करें 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं की तो इस बार कई बड़े नामों ने बाजी मारी है। कार्तिक आर्यन और मामूट्टी को संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया है। कार्तिक आर्यन को 'चंदू चैंपियन' में उनकी दमदार परफॉर्मेंस के लिए जबकि मामूट्टी को 'ब्रह्मयुगम' के लिए ये सम्मान मिला है।
यामी गौतम बनीं बेस्ट एक्ट्रेस, 'आर्टिकल 370' को मिला बड़ा सम्मान
यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' में शानदार अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला है। वहीं इसी फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म के सम्मान से नवाजा गया है। रणदीप हुड्डा को 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का अवॉर्ड दिया जाएगा।