‘जेल से बाहर आना है तो 75 लाख दो’: कटनी CSP नेहा पर हत्या के आरोपी से डील का आरोप; जमीन बेचने का दबाव बनाया - Madhya Pradesh News

Published on 2 अग॰ 2026

कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर ट्रांसपोर्ट कारोबारी से कथित रिश्वत मांगने के बाद अब हत्या के एक आरोपी और उसके परिवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि आरोपी के परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया, दलाली कराई गई और जेल से छुड़ाने के नाम पर 75 ला

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मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और अदालत तक पहुंच चुकी है। IG ने ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली और हत्या के आरोपी की शिकायत, दोनों की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी है।

क्या हैं हत्या के आरोपी के आरोप कटनी पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को आदिवासी युवक की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आकाश लोधी को गिरफ्तार किया था। आकाश का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा और CSP नेहा पच्चीसिया ने उसके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया।

उसके मुताबिक, पिता रमेश लोधी को दो दिन CSP के घर बैठाया गया। 15 अप्रैल को उन्हें सरकारी वाहन से ग्राम कन्हवारा स्थित खसरा नंबर 2618/1 (2.15 हेक्टेयर) की जमीन की रजिस्ट्री कराने ले जाया गया।

करीब 82 लाख रुपए गाइडलाइन कीमत वाली जमीन का सौदा 1.07 करोड़ रुपए में कराया गया। आरोप है कि रजिस्ट्री के समय 15 लाख रुपए का चेक दिया गया और बाकी 92 लाख रुपए सात दिन में देने का आश्वासन दिया गया।

‘जेल से बाहर आना है तो 75 लाख दो’ आकाश लोधी का आरोप है कि जमीन का पैसा नहीं मिलने पर उसके पिता रमेश लोधी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की और नामांतरण पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद रमेश लोधी और उनके दामाद सतीश लोधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

आरोप है कि आपत्ति के बावजूद जमीन का नामांतरण मारूफ अहमद हनफी के नाम कर दिया गया। आकाश का दावा है कि इसके बाद मृतक पक्ष और CSP ने 75 लाख रुपए मांगे।

उससे कहा गया कि अगर जेल से बाहर आना है तो 75 लाख रुपए दे दो, कोर्ट में बयान बदल दिए जाएंगे और सभी आरोपी जेल से बाहर आ जाएंगे। हत्या के मामले में गिरफ्तारी के तीन महीने बाद 7 जुलाई को डिफॉल्ट जमानत पर बाहर आने के बाद आकाश ने ये आरोप लगाए।

रिश्वत मांगने के आरोप से शुरू हुआ विवाद नेहा पच्चीसिया के खिलाफ शिकायतों की शुरुआत ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन की शिकायत से हुई थी। महेंद्र जैन का आरोप है कि 21 जुलाई की रात वाहन चेकिंग के दौरान रेत और डोलोमाइट का वैध परिवहन कर रहे उनके हाईवा वाहनों को रोककर 30 हजार रुपए मांगे गए।

आरोप के मुताबिक, मौके पर 25 हजार रुपए नकद लिए गए, जबकि बाकी 5 हजार रुपए अगले दिन CSP के ड्राइवर के जरिए मंगवाए गए। हालांकि बाद में शिकायतकर्ता अपने बयान से पीछे हट गए और शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने की बात कही।

ड्राइवर निलंबित, थाना प्रभार भी बदला कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर CSP के ड्राइवर कॉन्स्टेबल केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही CSP नेहा पच्चीसिया के अधिकार क्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार हटाकर अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दिया गया।

शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार जैन का कहना है कि उनकी सभी गाड़ियां वैध परिवहन में लगी थीं। चेकिंग के नाम पर जबरन वसूली की गई। साक्ष्यों के साथ एसपी से न्याय मांगा, लेकिन शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

अफसर बोले- जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे भास्कर ने आरोपों पर CSP नेहा पच्चीसिया का पक्ष जानने के लिए दो बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव करने की बजाय कट कर दिया। कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चालक को निलंबित किया गया है और थाना प्रभार में बदलाव किया गया है।

शिकायतकर्ता महेंद्र जैन के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। IG के आदेश पर ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली, चालान में देरी और अन्य शिकायतों की जांच जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल करेंगी। अनु बेनीवाल ने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

कटनी में पहले भी महिला CSP विवादों में रहीं नेहा पच्चीसिया से पहले कटनी में पदस्थ महिला CSP ख्याति मिश्रा भी निजी जीवन से जुड़े विवादों के कारण सुर्खियों में रही थीं। उनके पति शैलेंद्र मिश्रा, तत्कालीन एसपी अभिजीत रंजन और उनके बीच का विवाद काफी चर्चा में रहा था।

इसके बाद उनका तबादला हुआ और नेहा पच्चीसिया को कटनी की जिम्मेदारी मिली। अब नेहा भी गंभीर आरोपों के चलते विवादों में हैं।