Aug 15, 2026 05:25 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission: 8वें वित्त आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें हैं
- इस पे कमीशन का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था

8th Pay Commission के गठन का 9 महीने का समय बीत गया है।
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर इस समय केंद्रीय कर्मचारियों के बीच काफी हलचल है। आयोग लगातार कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों के साथ मीटिंग कर रहा है। दिल्ली में पे कमीशन की मीटिंग इसी महीने 8 और 10 अगस्त को थी। राष्ट्रीय राजधानी में यह उनकी दूसरी मीटिंग थी। इसी मीटिंग में कुछ संगठनों ने बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69000 रुपये करने की मांग की गई है। बता दें, 8वें वित्त आयोग की अगली मीटिंग जयपुर में 31 अगस्त को है।
कब जमा होगा रिपोर्ट (8th Pay Commission latest report)
8वें पे कमीशन का 9 महीने का समय बीत गया है। इस आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था। अब सिर्फ 9 महीने का समय ही बचा है। मानसून सत्र में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया था कि आयोग को हर-छोटा बड़ा अपडेट देने की जरूरत नहीं है। फिटमेंट फैक्टर से लेकर बेसिक पे तक कोई भी सलाह अब तक नहीं मिली है। सरकार ने कहा कि तय समय सीमा के अंदर पे कमीशन अपनी रिपोर्ट जमा करेगा। बता दें, आयोग के पास मई 2027 तक का समय है।
कभी 55 रुपये मिलता था बेसिक
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पहला पे कमीशन भारत के आजाद होने से पहले ही लागू हो गया था। 1946 में लागू हुए पे कमीशन में कर्मचारियों को 55 रुपये कम से कम बेसिक पे मिलता था। अधिक से अधिक 2000 रुपय बेसिक पे उस समय दिया जाता था।
दूसरा पे कमीशन 1959 में लागू हुआ। तब केंद्रीय कर्मचारियों को कम से कम 80 रुपये प्रति माह बेसिक पे मिलता था। अब यब 3000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। तीसरे पे कमीशन के दौरान मिनिमम बेसिक पे 196 रुपये हो गया था। यह पे कमीशन 1973 में लागू हुआ था। बता दें, समय के साथ कर्मचारियों का बेसिक पे बढ़ता गया। अब 7वें वेतन आयोग के दौरान मिनिमम बेसिक पे 18000 रुपये हो गया था।
क्या 69000 रुपये हो बेसिक पे
दिल्ली में हुई मीटिंग के दौरान कुछ संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर्स को 3.83 करने की मांग की है। अगर पे कमीशन की तरफ से यह मांग मान ली जाती है तब की स्थिति में कर्मचारियों का मिनिमम बेसिक पे 69000 रुपये हो सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स इसकी उम्मीद कम ही कर रहे हैं।
पे कमीशन से संगठनों ने फैमिली यूनिट को भी लगातार बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों की फैमिली यूनिट 3 है। इसे बढ़ाकर 5 करने की मांग की गई है।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singh
तरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।
