श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की शिकायत पर पुलिस ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) शेरिल गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि गुप्ता ने जरूरी डॉक्यूमेंट और उनका वेरिफिकेशन किए बिना 1674 फॉर्म-15 सीबी (विदेश में ट्रांजैक
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इनकम टैक्स की टीम ने 18 अगस्त को उनके ऑफिस में सर्च किया था। जांच में 1405 सर्टिफिकेट से जुड़े 56 रेमिटर्स (पैसा भेजने वाला व्यक्ति) के जरिए रुपए भेजने का खुलासा हुआ था। इनमें 4 नाम राजस्थान से जुड़े हैं, बाकी देश के अन्य राज्यों से हैं। एक कारोबारी ने शेरिल के जरिए 990 लेन-देन में 600 करोड़ रुपए से ज्यादा अमाउंट भेजा है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का दावा है कि गुप्ता ने बयान में संबंधित अकाउंट और डॉक्यूमेंट को खुद नहीं देखने और वेरिफिकेशन नहीं करने की बात स्वीकार की है। अब पुलिस मामले में अन्य बिचौलिए और सिंडिकेट की भी जांच करेगी।

CA के ऑफिस में सर्च से हुआ था खुलासा
जयपुर से इनकम टैक्स की टीम 18 अगस्त को रायसिंहनगर पहुंची थी। ओल्ड धान मंडी स्थित एमबीएस अंबिका आयरन स्टोर की पहली मंजिल पर दुकान नंबर-35 में चल रहे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) शेरिल गुप्ता के ऑफिस में सर्च किया। जांच में सामने आया कि गुप्ता ने कुल 1674 फॉर्म-15 सीबी प्रमाणपत्र जारी किए थे।
1405 सर्टिफिकेट की जांच की
इनकम टैक्स टीम ने 1674 में से 1405 सर्टिफिकेट की जांच की। ये 56 लोगों से जुड़े थे और इनके जरिए 815 करोड़ 52 लाख 13 हजार 553 रुपए विदेश भेजे गए। बाकी सर्टिफिकेट तकनीकी वजह से डाउनलोड नहीं हो सके। कुल 1674 सर्टिफिकेट 66 लोगो से जुड़े बताए गए हैं। इनमें 2 कारोबारी अजमेर, 1 जयपुर, 1 भीलवाड़ा और अन्य केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के हैं।
जांच में अरशद खान के नाम से 990 लेन-देन में 610 करोड़ 55 लाख 30 हजार 968 रुपए विदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा गणेश सखाराम जाधव के 71 लेन-देन में 44.63 करोड़, एल कोमेटिडो मरीन शिपिंग के 55 लेन-देन में 39.96 करोड़ और बुलफ्रॉग लॉजिस्टिक्स के 35 लेन-देन में 28.17 करोड़ रुपए विदेश भेजे गए। डॉक्यूमेंट में अलग-अलग राज्यों की लॉजिस्टिक्स, सॉफ्टवेयर, शिपिंग और इमिग्रेशन से जुड़ी कई कंपनियों के नाम भी दर्ज है।

18 अगस्त को रायसिंहनगर में ओल्ड धान मंडी स्थित एमबीएस अंबिका आयरन स्टोर के ऊपर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) शेरिल गुप्ता के ऑफिस में सर्च किया।
CA ने माना- खाते और डॉक्यूमेंट खुद नहीं देखे
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का दावा है कि सर्वे के दौरान दर्ज बयान में शेरिल गुप्ता ने स्वीकार किया कि उन्होंने संबंधित खातों, समझौतों और डॉक्यूमेंट को खुद नहीं देखा और न ही उनका वेरिफिकेशन किया।
विभाग के अनुसार, कई लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे या उनका घोषित कारोबार बहुत कम था। इसके बावजूद उनके नाम पर बड़ी रकम विदेश भेजी गई। जांच में कई इकाइयों को शेल या फर्जी बताया गया है।

जांच में सामने आया कि 1674 सर्टिफिकेट 66 लोगों से जुड़े हैं। 1405 सर्टिफिकेट के जरिए 815 करोड़ रुपए से ज्यादा अमाउंट विदेश में भेजा गया।
शिकायत पर FIR, मध्यस्थों और संभावित सिंडिकेट की भी जांच
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की शिकायत पर रायसिंहनगर पुलिस ने CA शेरिल गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आयकर विभाग के उपनिदेशक अन्वेषण कन्हैयालाल मीणा ने शिकायत में शेरिल गुप्ता के अलावा अन्य मध्यस्थों और संभावित सिंडिकेट की भूमिका की जांच की बात कही है।
अगर कोई अन्य व्यक्ति या समूह इस व्यवस्था में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच ASI सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, श्रीगंगानगर में एक बड़े हवाला कारोबारी पर भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर है, जो रोजाना करोड़ों रुपए का कारोबार कर रहा है। आगे और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।