8th Pay Commission: बदल सकता है सैलरी का पुराना नियम, अब 3 की जगह 5 लोगों के हिसाब से तय होगा वेतन!

Published on 15 सित॰ 2026

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है. आठवां वेतन आयोग इस वक्त कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें कर रहा है. बरसों से न्यूनतम सैलरी तय करने का जो नियम चला आ रहा है, अब उसे बदलने की जोरदार मांग हो रही है. अगर कर्मचारी यूनियनों की नई मांगें मान ली जाती हैं, तो आने वाले समय में बेसिक पे में बंपर इजाफा देखने को मिल सकता है.

माता पिता भी बनें परिवार का हिस्सा

अब तक वेतन आयोग जब भी न्यूनतम सैलरी तय करता था, तो परिवार में सिर्फ 3 यूनिट को गिना जाता था. इसमें कर्मचारी, पति या पत्नी के साथ दो बच्चे शामिल होते थे. लेकिन अब नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम (NCJCM) के साथ भारत पेंशनर्स समाज ने एक नया प्रस्ताव रखा है. इनका कहना है कि इस गणना में बुजुर्ग आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए. भारत में कोई भी कर्मचारी सिर्फ अपने बच्चों का पेट नहीं पालता, बल्कि वो अपने बुजुर्ग माता-पिता का भी मुख्य सहारा होता है. कानूनी तौर पर भी बच्चों पर माता-पिता की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी होती है.

समझिए 5 यूनिट का पूरा गणित

यूनियनों ने आयोग को जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें सैलरी तय करने का एक नया फॉर्मूला दिया गया है. इसके मुताबिक कर्मचारी खुद 1.0 यूनिट गिना जाएगा. पति या पत्नी को भी 1.0 यूनिट माना जाएगा. दो बच्चों को मिलाकर 1.6 यूनिट बनेंगे. वहीं दो आश्रित माता-पिता को भी 1.6 यूनिट में रखा गया है. इन सबको मिलाने पर कुल 5.2 यूनिट बनते हैं, जिसे राउंड फिगर में 5 यूनिट माना जा सकता है. यूनियनों का सख्त तर्क है कि इसी 5 यूनिट के आधार पर नया वेतन तय होना चाहिए.

69 हजार कैसे होगी बेसिक सैलरी

अगर वेतन आयोग इस 5 यूनिट वाले नए फॉर्मूले को हरी झंडी दे देता है, तो सैलरी का पूरा कैलकुलेशन बदल जाएगा. NCJCM के आंकड़ों पर नजर डालें तो 5 लोगों के परिवार के लिए राशन का खर्च करीब 24,443 रुपये बैठता है. इसमें मकान का किराया, बिजली, त्योहार के खर्चे, स्किल डेवलपमेंट जैसे बाकी जरूरी खर्च जोड़ दिए जाएं, तो न्यूनतम सैलरी करीब 68,947 रुपये बनती है. इसे राउंड फिगर में 69,000 रुपये माना गया है. इस हिसाब से 3.833 का फिटमेंट फैक्टर निकलकर आता है. महंगाई दर के हिसाब से कुछ अनुमान तो यहां तक कहते हैं कि न्यूनतम वेतन 80 हजार के पार भी जा सकता है.

पेंशनर्स को मिलेगा बंपर फायदा

रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में भत्तों पर ज्यादा फोकस रहता है. बेसिक पे कम रहने से रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है. पेंशन के साथ ग्रेच्युटी भी पूरी तरह बेसिक पे पर ही निर्भर करती है. अगर 8वां वेतन आयोग 5 यूनिट की मांग को मान लेता है, तो इसका फायदा सिर्फ नए कर्मचारियों को ही नहीं मिलेगा. पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. अब सबकी नजरें आयोग के अंतिम फैसले पर हैं. ये फैसला तय करेगा कि सरकार पुराने ढर्रे पर ही चलेगी या कर्मचारियों को नया तोहफा देगी.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

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