2 घंटे पहले
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आगरा में साइबर ठगों ने फर्जी RTO एप्लिकेशन के नाम पर एक कारोबारी से ठगी कर ली। उनके खाते से 9 लाख 62 हजार 3 रुपए निकाल लिए। ठगों ने RTO चालान भुगतान के नाम पर व्हाट्सऐप पर लिंक भेजा था। लिंक के जरिए फर्जी एप्लिकेशन डाउनलोड कराकर ठगों ने मोबाइल का कंट्रोल हासिल कर लिया।
इसके बाद खाते से लगातार पांच UPI ट्रांजैक्शन कर रकम निकाल ली।
2 अक्टूबर को आया था व्हाट्सऐप मैसेज
कचहरी घाट निवासी व्यापारी दिनेश अग्रवाल के मुताबिक, 2 अक्टूबर को उनके व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया। इसमें बताया गया कि उनकी गाड़ी का चालान पेंडिंग है और तत्काल भुगतान करना होगा। मैसेज के साथ एक लिंक भी भेजा गया था।
लिंक देखने में सरकारी RTO वेबसाइट जैसा लग रहा था। उस पर क्लिक करने के बाद एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया। दिनेश ने जैसे ही ऐप डाउनलोड किया, उनके मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में चला गया।
5 ट्रांजैक्शन में खाते से निकले 9.62 लाख
ऐप डाउनलोड करने के कुछ देर बाद ही बैंक खाते से एक के बाद एक पांच UPI ट्रांजैक्शन होने लगे। पहली बार 99 हजार रुपए निकाले गए। इसके बाद 1.50 लाख, 2 लाख, 2.74 लाख और करीब 1.38 लाख रुपए की ट्रांजैक्शन हुई।
इस तरह कुल 9,62,003 रुपए खाते से निकाल लिए गए। बैंक से लगातार रकम कटने के मैसेज आने के बाद व्यापारी को साइबर ठगी का पता चला।
बैंक खाता होल्ड कराया, 1930 पर शिकायत
ठगी का पता चलते ही पीड़ित अपनी बैंक की होम ब्रांच पहुंचे और खाते को होल्ड कराया। इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया जाए और ठगी की रकम वापस दिलाई जाए।
लाभार्थी खातों की जानकारी जुटा रही पुलिस
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पीड़ित की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित बैंकों को ट्रांजैक्शन डिटेल और लाभार्थी खातों की जानकारी के लिए पत्र भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह संगठित गिरोह फर्जी सरकारी ऐप और लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें। RTO चालान या अन्य सरकारी भुगतान के लिए केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें।
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