अमेरिका की ऑनलाइन मॉर्गेज कंपनी बेटर डॉट कॉम के संस्थापक और पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल गर्ग एक बार फिर चर्चा में हैं. करीब पांच साल पहले उन्होंने एक वीडियो मीटिंग के दौरान करीब 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. उस समय उनके फैसले और कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के तरीके की काफी आलोचना हुई थी. अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं. जिस कंपनी की कमान कभी विशाल गर्ग के हाथ में थी, उसी कंपनी से उन्हें मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से हटा दिया गया है. इतना ही नहीं, अब विशाल गर्ग अपनी पुरानी कुर्सी वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं.
2021 में 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
दिसंबर 2021 में विशाल गर्ग ने एक वीडियो बैठक के दौरान करीब 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की जानकारी दी थी. ये कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा था. खास बात यह थी कि यह फैसला क्रिसमस से कुछ दिन पहले लिया गया था. इसी वजह से इस घटना की दुनियाभर में काफी चर्चा हुई थी. कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का तरीका भी लोगों को काफी कठोर लगा. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सामाजिक माध्यमों पर विशाल गर्ग की जमकर आलोचना हुई. बाद में उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी थी. उस समय गर्ग ने कंपनी की खराब आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की काम करने की क्षमता को छंटनी की वजह बताया था. उन्होंने कुछ कर्मचारियों पर काम के घंटों को बढ़ाकर बताने जैसे आरोप भी लगाए थे.
अब खुद मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से हटे
करीब पांच साल बाद कहानी पूरी तरह बदल गई. 3 अगस्त 2026 को बेटर होम एंड फाइनेंस के निदेशक मंडल ने विशाल गर्ग को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से हटा दिया. उनकी जगह डैनियल लुईस को कंपनी की जिम्मेदारी दी गई. यानी जिस कंपनी में कभी विशाल गर्ग सबसे बड़े फैसले लेते थे, अब उसी कंपनी के निदेशक मंडल ने उन्हें पद से बाहर कर दिया है. कंपनी के निदेशक मंडल की ओर से गर्ग के नेतृत्व, फैसले लेने के तरीके और भरोसे से जुड़े मामलों को लेकर चिंता जताई गई. इन्हीं वजहों को उनके खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना गया.
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गर्ग ने फैसला मानने से किया इनकार
हालांकि विशाल गर्ग ने निदेशक मंडल के इस फैसले को स्वीकार नहीं किया है. उनका आरोप है कि कंपनी के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी डैनियल लुईस ने निदेशक मंडल का भरोसा हासिल करने के लिए उन्हें गुमराह किया. गर्ग के मुताबिक, लुईस करीब छह महीने पहले कंपनी से जुड़े कुछ मामलों को लेकर उनके संपर्क में आए थे. उन्होंने कंपनी के खर्च कम करने और मुनाफा बढ़ाने को लेकर कई सुझाव दिए थे. गर्ग का कहना है कि खर्च कम करने से जुड़े लुईस के विचार उन्हें अच्छे लगे, लेकिन कंपनी में काम करने के नए तरीकों और नए प्रयोगों को लेकर उनकी सोच गर्ग को पसंद नहीं आई. गर्ग का आरोप है कि लुईस ने धीरे-धीरे निदेशक मंडल के दूसरे सदस्यों का भरोसा हासिल कर लिया और इसके बाद उन्हें मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से हटाने की स्थिति बना दी.
पुरानी कुर्सी पाने के लिए वकील की मदद
अपनी पोस्ट वापस पाने के लिए विशाल गर्ग ने वकील एलेक्स सैपिरो की मदद ली है. उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल को पत्र भेजकर दोबारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाए जाने की मांग की है. गर्ग का कहना है कि उन्होंने करीब 10 साल तक कंपनी के लिए काम किया है और उन्हें अब भी कंपनी के भविष्य पर भरोसा है. हालांकि उन्होंने यह भी माना है कि कंपनी में काम करते समय उनके हर फैसले और उसे लागू करने का तरीका सही नहीं रहा. अब यह मामला केवल एक पद को लेकर विवाद नहीं रह गया है. यह कंपनी के संस्थापक और निदेशक मंडल के बीच अधिकार और नेतृत्व की लड़ाई बनता दिखाई दे रहा है. कुछ निवेशकों के गर्ग के समर्थन में होने की भी बात सामने आई है.
पांच साल बाद फिर चर्चा में विशाल गर्ग
विशाल गर्ग की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि 2021 में 900 कर्मचारियों को एक वीडियो बैठक के दौरान नौकरी से निकालने के बाद वह दुनियाभर में चर्चा में आए थे. उस घटना ने उनके नेतृत्व करने के तरीके पर कई सवाल खड़े किए थे. अब करीब पांच साल बाद वही विशाल गर्ग अपनी पुरानी कुर्सी वापस पाने के लिए लड़ रहे हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि कंपनी का निदेशक मंडल उनकी मांग मानेगा या नहीं. लेकिन इतना जरूर है कि बेटर डॉट कॉम में चल रहा यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है.
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