नाग पंचमी विशेष :' पूजा करते हो तो मारते क्यों हो?', 907 सांपों को बचा चुके सर्पमित्र दिनेश राजपूत की खास अपील - Haribhoomi

Published on 17 अग॰ 2026

नाग पंचमी पर सर्पमित्र दिनेश राजपूत ने लोगों से सांपों को न मारने की अपील की। वे अब तक 907 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके हैं।

Sarpamitra Dinesh Rajput

सर्पमित्र दिनेश राजपूत

  • Published: 17 Aug 2026, 03:38 PM IST
  • Last Updated: 17 Aug 2026, 03:41 PM IST

महेश मिश्रा- कवर्धा। नाग पंचमी के अवसर पर जहां एक ओर भगवान नागदेव की पूजा-अर्चना की जाती है, वहीं दूसरी ओर सर्पों के संरक्षण और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सर्पमित्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। जिले में सर्पमित्र दिनेश राजपूत लंबे समय से सांपों के रेस्क्यू का कार्य कर रहे हैं। अब तक वे 907 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके हैं। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ते हैं और उसे आबादी से दूर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ देते हैं।

बारिश में बढ़ा सर्पदंश का खतरा
सर्पमित्र दिनेश राजपूत ने चर्चा के दौरान बताया कि, बारिश के मौसम में सांप अक्सर घरों, खेतों, बाड़ियों और आबादी वाले क्षेत्रों में निकल आते हैं। ऐसे समय में लोग घबराकर सांप को मारने का प्रयास करते हैं, जिससे सांप के साथ-साथ लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है। उन्होंने कहा कि, सांप दिखाई देने पर उसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सुरक्षित दूरी बनाकर तत्काल प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना देनी चाहिए।

कवर्धा जिले में नाग पंचमी पर सर्पमित्र दिनेश राजपूत ने लोगों से सांपों को न मारने की अपील की। वे अब तक 907 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके हैं और बारिश में सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानी बरतने का संदेश दे रहे हैं। @KabirdhamDist #Chhattisgarh #NagPanchami #Snakes #Snakebite pic.twitter.com/ZrjZTlW2ad

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कई प्रजातियों की पहचान में माहिर
दिनेश राजपूत ने बताया कि, उन्हें विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान और उनके व्यवहार की जानकारी है। वे रसल वाइपर, कोबरा, नाग-नागिन, गौंहाडोमी, डंडा करायत, उड़ने वाले सांप और अजगर सहित कई प्रजातियों का रेस्क्यू कर चुके हैं। कई बार लोग सांप की फोटो भेजकर भी उसकी पहचान और उससे संबंधित जानकारी लेते हैं। फोटो देखकर वे प्राथमिक तौर पर सांप की प्रजाति की जानकारी देते हैं और आवश्यकता होने पर समय निकालकर मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू करते हैं।

कवर्धा जिले में नाग पंचमी पर सर्पमित्र दिनेश राजपूत ने लोगों से सांपों को न मारने की अपील की। वे अब तक 907 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके हैं और बारिश में सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानी बरतने का संदेश दे रहे हैं। @KabirdhamDist #Chhattisgarh #NagPanchami #Snakes #Snakebite pic.twitter.com/mulWPg8K55

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पूजा करते हैं तो मारते क्यों हैं
सर्पमित्र दिनेश राजपूत ने कहा कि, भारतीय संस्कृति में नाग और सर्पों का विशेष धार्मिक महत्व है। भगवान महादेव के गले में नाग विराजमान हैं और नाग पंचमी पर लोग नागदेव की पूजा करते हैं। जब हम सांपों की पूजा करते हैं तो उन्हें मारना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सांप को देखकर डरने के बजाय सावधानी बरतें और उसे सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करवाएं।

सर्पमित्र दिनेश राजपूत
सर्पमित्र दिनेश राजपूत

रेस्क्यू में बरतनी पड़ती है विशेष सावधानी
उन्होंने बताया कि, सांपों का रेस्क्यू करना आसान काम नहीं है। जहरीले सांपों को पकड़ते समय विशेष सावधानी और तकनीक की आवश्यकता होती है। यह कार्य प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति द्वारा ही किया जाना चाहिए। आम लोगों को स्वयं सांप पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्प रेस्क्यू की प्रक्रिया को बिना प्रशिक्षण दोहराने का प्रयास जानलेवा हो सकता है।

नाग पंचमी पर विशेष अपील
दिनेश राजपूत ने नाग पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, इस बार कई वर्षों बाद नाग पंचमी का विशेष संयोग आया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि, यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं, उसे छेड़ें नहीं और न ही मारने का प्रयास करें। सांप से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित सर्पमित्र की सहायता लें। मानव जीवन की सुरक्षा के साथ सर्पों का संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है।

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