Aug 07, 2026 04:09 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- अगर आप और आपके जीवनसाथी चाहते हैं कि हर महीने घर बैठे एक तय रकम मिलती रहे, तो पोस्ट ऑफिस की यह सरकारी स्कीम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में पति-पत्नी मिलकर निवेश कर सकते हैं

पति-पत्नी के लिए कमाल की सरकारी स्कीम
अगर आप और आपके जीवनसाथी चाहते हैं कि हर महीने घर बैठे एक तय रकम मिलती रहे, तो पोस्ट ऑफिस की यह सरकारी स्कीम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में पति-पत्नी मिलकर निवेश कर सकते हैं और अधिकतम निवेश करने पर पांच साल तक हर महीने 9,250 रुपये की पक्की इनकम मिल सकती है। आइए जानते हैं इस स्कीम में कौन निवेश कर सकता है, कितना पैसा लगाना होगा और खाता कहां खुलवाना होगा।
कितना मिलता है ब्याज?
पोस्ट ऑफिस की योजना में पति-पत्नी ज्वाइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार, सभी ज्वाइंट अकाउंट में मिलाकर अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। फिलहाल इस योजना पर 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है।
अगर कोई दंपति इसमें पूरे 15 लाख रुपये निवेश करती है, तो उसे सालभर में 1,11,000 रुपये ब्याज मिलेगा। यानी हर महीने 9,250 रुपये की तय इनकम होगी। यह ब्याज सीधे पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट या लिंक किए गए बैंक खाते में जमा कराया जा सकता है।
कौन-कौन कर सकता है निवेश?
इस योजना में 18 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक अकाउंट खोल सकता है। दो या तीन वयस्क मिलकर ज्वाइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। इसके अलावा नाबालिग या मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति की ओर से उसका अभिभावक भी अकाउंट खुलवा सकता है। हालांकि, एनआरआई (NRI) इस योजना में नया अकाउंट नहीं खोल सकते।
निवेश की बात करें तो इसमें कम से कम 1,000 रुपये से शुरुआत की जा सकती है। निवेश 1,000 रुपये के मल्टीपल में करना होता है। एक व्यक्ति अपने सभी सिंगल खातों में मिलाकर अधिकतम 9 लाख रुपये, जबकि सभी ज्वाइंट खातों में मिलाकर 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है।
इस योजना का पीरियड पांच साल है। मैच्योरिटी पूरी होने पर निवेशक को उसका बेसिक अमाउंट वापस मिल जाता है। यदि अकाउंट तुरंत बंद नहीं कराया जाता, तो पैसा पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट की ब्याज दर के हिसाब से ब्याज कमाता रहेगा।
जरूरत पड़ने पर समय से पहले भी पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन कुछ शर्तें लागू होती हैं। अकाउंट खुलने के एक साल के अंदर ही इसे बंद नहीं किया जा सकता। एक से तीन साल के बीच बंद करने पर जमा अमाउंट का 2 प्रतिशत, जबकि तीन से पांच साल के बीच बंद करने पर 1 प्रतिशत काटकर बाकी रकम वापस कर दी जाती है।
