Updated On: Aug 09, 2026 | 08:30 PM IST
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सार
Air India AI2379 Phuket Delhi Update: फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस मामले की जांच AAIB को सौंपी गई। दोनों पायलट रोस्टर से बाहर, अस्पताल में भर्ती क्रू मेंबर्स की हालत स्थिर।

एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस मामला (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Air India Flight Turbulence AAIB Probe: एयर इंडिया फ्लाइट टर्बुलेंस मामले में नया अपडेट सामने आया है। रविवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी 4 अगस्त को थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई2379 भीषण टर्बुलेंस घटना की जांच अब एविएशन एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि इस घटना को गंभीर श्रेणी वाले हादसे में रखा है। इससे पहले मामले की प्रारंभिक जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा कराई जा रही थी।
रोस्टर से बाहर किए गए दोनों पायलट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने और पुष्टिकरण की रिपोर्ट आने तक दोनों पायलटों को रोस्टर (फ्लाइंग ड्यूटी) से हटा दिया गया है। DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया है कि विमानन सुरक्षा के उच्चतम मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लैब टेस्ट के नतीजों और जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हवा में हुआ था भीषण टर्बुलेंस
थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई2379 को मंगलवार को उड़ान के दौरान अचानक भारी टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। इस दौरान विमान की ऊंचाई में क्षणिक बदलाव आया, जिससे कई यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं। हालांकि, विमान की दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग हो गई थी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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घायलों को कराया गया था भर्ती
फोर्टिस हॉस्पिटल के इमरजेंसी हेड डॉ. उज्ज्वल वैद के अनुसार, कुल सात मरीज अस्पताल लाए गए थे। इनमें से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बाकी चार क्रू मेंबर्स को अस्पताल में भर्ती किया गया था। एक क्रू मेंबर की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ था। एक अन्य क्रू मेंबर को सस्पेक्टेड इंजरी हुई थी और एक अन्य के पेल्विस में चोट लगने का संदेह था। उन्होंने बताया कि जब फ्लाइट हवा में थी तब अचानक प्रेशर ड्रॉप हुआ और वर्टिकल झटका लगा। ऐसे झटकों में चोट लगने का खतरा रहता है। राहत की बात यह है कि किसी भी मरीज को गंभीर चोट नहीं आई।
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दोपहर करीब 12.45 बजे उन्हें एयरपोर्ट से कॉल आया था कि कुछ मरीज आ रहे हैं जिन्हें स्पाइनल इंजरी होने का शक है। चोट की गंभीरता और वजह के बारे में पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन 5 से 8 मरीजों के आने की उम्मीद थी। इसके बाद अस्पताल की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को तुरंत एक्टिवेट किया गया।
