Aastha Kunj Ground Report: 'सड़क पर लड़की और उसका शरीर गुंडों की प्रॉपर्टी नहीं', छात्राओं का सिस्टम को तमाचा!

Published on 23 सित॰ 2026

Time Updated: Wednesday, September 23, 2026, 19:02 [IST]

Aastha Kunj Ground Report Oneindia Hindi: दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (LSR) की छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध दर्ज कराया। बुधवार (23 सितंबर) शाम करीब 4 बजे कॉलेज के पिछले गेट के पास स्थित नेशनल पार्क में करीब 300-400 छात्राएं जुटीं। छात्राओं के हाथों में पोस्टर थे और वे महिला सुरक्षा तथा घटना में न्याय की मांग को लेकर नारे लगा रही थीं।

छात्राओं ने कॉलेज के आसपास स्ट्रीट लाइट, CCTV, पुलिस पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। LSR प्रशासन ने भी पुलिस से कॉलेज के फ्रंट और बैक गेट समेत आसपास के इलाकों में पुलिसिंग और सुरक्षा इंतजाम बेहतर करने की मांग की। Oneindia Hindi Ground Report में छात्राओं ने सिस्टम और समाज की अनदेखी पर सवाल उठाए....

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'कॉलेज के अंदर सुरक्षित हैं, लेकिन बाहर निकलने के बाद क्या?'

LSR की पूर्व छात्रा आन्या ने कहा कि कॉलेज परिसर के भीतर छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं, लेकिन असली सवाल कॉलेज से बाहर निकलने के बाद की सुरक्षा का है। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े कानून मौजूद हैं, लेकिन उनका प्रभावी इस्तेमाल भी उतना ही जरूरी है। उनके मुताबिक, कानून होने और उसे जमीन पर लागू किए जाने के बीच का अंतर कम करना होगा।

आन्या ने इसे केवल एक संस्थान की समस्या न बताते हुए समाज से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर सोच में बदलाव जरूरी है और लोगों को ऐसी घटनाओं को देखकर चुप रहने के बजाय आवाज उठानी चाहिए।

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'गुंडों को लगता है कि सड़क पर लड़की और उसका शरीर प्रॉपर्टी है'

आन्या ने कहा कि महिलाओं को लेकर समाज में मौजूद सोच पर सवाल उठाने की जरूरत है। जमुई की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गुंडों को यह लगता है, जो औरत सड़क पर है, उसका शरीर एक प्रॉपर्टी है। उनके मुताबिक, जब तक महिलाओं को वस्तु की तरह देखने और उनके शरीर को लेकर अधिकार जताने वाली मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।

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LSR के आसपास सुरक्षा को लेकर छात्राओं की क्या शिकायतें हैं?

आस्था कुंज की घटना के बाद LSR की छात्राओं ने कॉलेज के आसपास के इलाकों में कई सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने रखी हैं।

छात्राओं के मुताबिक मुख्य समस्याएं हैं:

  • कॉलेज के पिछले गेट के आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होना।
  • कुछ इलाकों में अंधेरा रहने की शिकायत।
  • CCTV और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत।
  • पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग।
  • पिंक बूथ के नियमित संचालन को लेकर सवाल।
  • कॉलेज और आसपास के PG तक आने-जाने वाले रास्तों की सुरक्षा।
  • स्टॉकिंग और महिलाओं का पीछा किए जाने की शिकायतें।
  • फुटपाथ पर वाहनों के कारण पैदल चलने में परेशानी।

छात्राओं ने PCR वैन की मौजूदगी, स्ट्रीट लाइट, पिंक बूथ और फुटपाथ से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया है।

'शाम होते ही यह इलाका असुरक्षित लगता है'

एक अन्य छात्रा ने कॉलेज के पिछले गेट के आसपास के इलाके को लेकर चिंता जताई। उनके मुताबिक, वहां शाम के समय सुरक्षा को लेकर परेशानी होती है। उन्होंने कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि छात्राओं को वहां असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। प्रदर्शन मार्च में शामिल एक छात्रा ने बताया कि पिछले गेट के आसपास रोशनी पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, छात्राओं को पीछा किए जाने जैसी घटनाओं का भी सामना करना पड़ा है।

'एक घटना होती है, फिर सुरक्षा की बात होती है और सब भूल जाते हैं'

सेकंड ईयर एक छात्रा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी घटना के बाद सुरक्षा पर चर्चा होती है, लेकिन कुछ समय बाद वही समस्याएं फिर सामने आ जाती हैं। छात्राओं का सवाल है कि सुरक्षा के इंतजाम किसी गंभीर घटना के बाद ही क्यों मजबूत किए जाते हैं? उनका कहना है कि प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की पहचान कर पहले से जरूरी कदम उठाने चाहिए।

LSR छात्रसंघ ने भी सामान्य सुरक्षा सलाह के बजाय कॉलेज, मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप, PG और बाजारों के बीच आने-जाने वाले संवेदनशील रास्तों का लोकेशन-स्पेसिफिक सेफ्टी ऑडिट कराने की जरूरत बताई है।

घटना के बाद LSR ने क्या कदम उठाए?

आस्था कुंज पार्क में कथित गैंगरेप की घटना के बाद LSR ने 22 सितंबर को नियमित फिजिकल क्लासेस रद्द करके दो दिनों के लिए ऑनलाइन कर दी गईं। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बैक गेट के आसपास अनावश्यक रूप से जमा होने से बचने की सलाह भी दी।

कॉलेज की प्रिंसिपल कनिका के. आहूजा के मुताबिक, संस्थान दिल्ली पुलिस के संपर्क में है और छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कॉलेज ने अमर कॉलोनी थाने से बैक गेट और आसपास के पार्कों तथा गलियों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का अनुरोध किया है।

क्या है आस्था कुंज पार्क की घटना?

पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय लड़की 21 सितंबर की शाम अपने एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद वे आस्था कुंज पार्क पहुंचे। आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया। बाद में लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ POCSO समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

आरोपी और पुलिस के बीच फायरिंग में क्या हुआ?

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पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में शामिल आसिफ को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने पुलिस टीम पर तीन गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली हेड कांस्टेबल राजेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल ने दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक आसिफ के दाहिने पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

अब छात्राओं की मांग क्या है?

LSR की छात्राएं चाहती हैं कि कॉलेज और आसपास के इलाकों में सुरक्षा को केवल घटना के बाद की प्रतिक्रिया के तौर पर न देखा जाए। उनकी मांग है कि:

  • बैक और फ्रंट गेट पर पर्याप्त पुलिसिंग हो।
  • स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
  • CCTV कैमरों की संख्या और कामकाज की समीक्षा हो।
  • नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
  • पिंक बूथ को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए।
  • कॉलेज से आसपास के PG और अन्य इलाकों तक जाने वाले रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

आस्था कुंज की घटना के बाद दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में आई है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी पार्कों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं, जिसमें लाइटिंग, सुरक्षा व्यवस्था, सफाई और पेट्रोलिंग की समीक्षा शामिल है।

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ग्राउंड रिपोर्ट का बड़ा सवाल?

LSR की छात्राओं का विरोध सिर्फ एक घटना के खिलाफ प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। उनके सवाल का केंद्र यह है कि क्या कॉलेज, PG, सड़क, पार्क और सार्वजनिक जगहों के बीच महिलाओं की सुरक्षा को एक लगातार चलने वाली व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है?

घटना के बाद सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग सामने आई है, लेकिन छात्राएं चाहती हैं कि अंधेरे रास्तों, कमजोर निगरानी और कम पुलिस मौजूदगी जैसे मुद्दों पर पहले से कार्रवाई हो, ताकि सुरक्षा किसी घटना के बाद शुरू होने वाली प्रक्रिया न बने।