Abhishek Porel Rape Case: रेप और धमकी के आरोपों में क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के आदेश, हाई कोर्ट सख्त
Abhishek Porel Rape Case: कलकत्ता हाई कोर्ट ने रेप और आपराधिक धमकी के मामले में क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के आदेश दिए। जानें FIR और पूरा मामला।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने रेप और आपराधिक धमकी के मामले में क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
- Published: 21 Jul 2026, 04:00 PM IST
- Last Updated: 21 Jul 2026, 04:00 PM IST
Highlights
- कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
- रेप, मारपीट और आपराधिक धमकी के आरोपों में FIR दर्ज।
- पुलिस डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त करेगी।
- क्रिकेटर ने सभी आरोपों से इनकार किया।
- मामला फिलहाल जांच के अधीन, अंतिम फैसला आना बाकी।
कोलकाता। बंगाल के युवा क्रिकेटर और आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल (Abhishek Porel) कानूनी विवाद में घिर गए हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट ने रेप और आपराधिक धमकी के गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में उनकी तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। अदालत के निर्देश के बाद हुगली जिले के मोगरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
कोर्ट ने जांच एजेंसी को मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्टोरेज उपकरण जब्त कर फॉरेंसिक जांच करने के भी निर्देश दिए हैं।
क्या है अभिषेक पोरेल पर आरोप?
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि वह और अभिषेक पोरेल पिछले लगभग तीन वर्षों से रिश्ते में थे। दोनों ने शादी करने का फैसला किया था, लेकिन क्रिकेटर ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
महिला का आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले दोनों के रिश्ते में तनाव शुरू हुआ। इसके बाद पोरेल ने शादी से इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी दी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पहले भी यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया था, लेकिन उस समय औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी।
FIR में कौन-कौन से आरोप लगाए गए हैं?
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में फिलहाल निम्न प्रमुख आरोप शामिल हैं-
- शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म (रेप) का आरोप
- मारपीट और शारीरिक उत्पीड़न
- आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation)
मामले में गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस जांच जारी है।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि जांच में आवश्यक सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।
अभिषेक पोरेल का पक्ष
अभिषेक पोरेल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। हालांकि, हाई कोर्ट के गिरफ्तारी आदेश के बाद उनकी ओर से कोई नया आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कौन हैं अभिषेक पोरेल?
22 वर्षीय अभिषेक पोरेल बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं। उन्होंने ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में आईपीएल में डेब्यू किया था और अपनी विकेटकीपिंग व बल्लेबाजी से पहचान बनाई।
मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। अदालत ने केवल जांच और गिरफ्तारी संबंधी निर्देश जारी किए हैं। अभिषेक पोरेल के खिलाफ लगे आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं और मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है। जांच पूरी होने और अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही दोष तय होगा।
संपादकीय नोट: इस मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावों और दर्ज एफआईआर पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और अदालत द्वारा अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है। कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को दोषी तब तक नहीं माना जाता जब तक अदालत उसे दोषी सिद्ध न कर दे।