मेजर ऋषभ सांभ्याल ने की हैं कई शादियां, फ्रॉड के भी आरोप? क्या है पूरी सच्चाई, पूर्व ADC ने खुद बताया

Published on 12 सित॰ 2026

Time Published: Saturday, September 12, 2026, 15:18 [IST]

Major Rishabh Sambyal Addresses Rumors: भारत की राष्ट्रपति के पूर्व Aide-de-Camp (ADC) रहे मेजर ऋषभ सिंह सांभ्याल इन दिनों अपने हालिया पॉडकास्ट को लेकर चर्चा में हैं। राष्ट्रपति के साथ बेहद करीबी और जिम्मेदारी वाले पद पर काम कर चुके मेजर सांभ्याल ने इस बातचीत में अपनी जिंदगी के उस पहलू पर भी खुलकर बात की, जिसके बारे में सोशल मीडिया पर लंबे समय से अलग-अलग चर्चाएं होती रही हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातों पर हैरानी जताई, जिन्हें लेकर लोग बिना पूरी जानकारी के अपनी राय बना लेते हैं।

राज शमानी के एक सवाल के जवाब में मेजर सांभ्याल ने राष्ट्रपति के ADC जैसे संवेदनशील पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए लोगों की सोच पर सवाल उठाया। आखिर उनके बारे में क्या बातें फैलाई गईं और उन्होंने उन पर क्या जवाब दिया, आइए जानते हैं।

Major Rishabh Sambyal

निजी जिंदगी को लेकर फैलीं कई बातें

पॉडकास्ट के दौरान मेजर ऋषभ सिंह सांभ्याल ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलाई गईं। उनके मुताबिक, कुछ लोग उन्हें शादीशुदा बताते रहे, जबकि कई पत्नियां होने और एक से ज्यादा रिश्तों जैसी बातें भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि उनके बारे में ऐसी बातें भी कही गईं, जिनका इस्तेमाल उनकी छवि खराब करने के लिए किया गया। मेजर सांभ्याल के अनुसार, उनके नाम से धोखाधड़ी और फ्रॉड से जुड़े कई दावे और आरोप भी सामने आए।

ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति के ADC बनने के लिए चुकानी पड़ी सबसे बड़ी कीमत! मेजर ऋषभ ने पहली बार बयां किया दर्द, क्या कहा?

मेजर सांभ्याल ने कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में अफवाह फैलाना एक बात है, लेकिन बिना जांचे उस पर विश्वास कर लेना ज्यादा हैरान करने वाली बात है। उन्होंने बातचीत में कहा कि जब लोग इन बातों को सच मानकर उनके बारे में सवाल उठाने लगते हैं तो उन्हें आश्चर्य होता है। उनके मुताबिक, किसी भी दावे को सच मानने से पहले उसके पीछे मौजूद तथ्यों को देखना जरूरी है।

इस बातचीत के दौरान राज शमानी ने मेजर सांभ्याल से पूछा कि क्या ऐसी बातें फैलाने वाले लोग यह नहीं सोचते कि वह जिस पद पर रहे हैं, वहां पहुंचने से पहले सेना और दूसरी संबंधित एजेंसियां व्यक्ति की जांच और पड़ताल करती होंगी। राज शमानी ने कहा कि राष्ट्रपति के ADC जैसी जिम्मेदारी संभालने वाला अधिकारी देश के सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों में से एक के बेहद करीब काम करता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की नियुक्ति से पहले उसकी पृष्ठभूमि और अन्य जरूरी पहलुओं की जांच होना स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है।

'क्या मुझे वहां ऐसे ही भेज दिया गया था?'

राज शमानी के सवाल पर मेजर सांभ्याल ने हैरानी जताते हुए जवाब दिया। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या उन्हें बिना किसी प्रक्रिया और जांच के इतने जिम्मेदारी वाले पद पर भेज दिया गया था। उनका कहना था कि राष्ट्रपति के साथ काम करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी और पद की संवेदनशीलता को देखते हुए लोगों को यह समझना चाहिए कि ऐसी नियुक्तियां सामान्य तरीके से नहीं होतीं। मेजर सांभ्याल ने यह भी कहा कि अफवाहें फैलाने वाले क्या कहते हैं, यह अलग बात है, लेकिन जब लोग बिना सोचे-समझे उन बातों पर भरोसा करने लगते हैं तो यह ज्यादा चौंकाने वाला होता है।

राष्ट्रपति के ADC की भूमिका क्यों है खास?

Aide-de-Camp यानी ADC राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, यात्राओं और महत्वपूर्ण समारोहों के दौरान उनके साथ जिम्मेदारियां निभाता है। यह पद सिर्फ औपचारिक रूप से राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहने तक सीमित नहीं है। ADC को प्रोटोकॉल, आधिकारिक कार्यक्रमों और अपनी जिम्मेदारियों से जुड़े कई पहलुओं पर लगातार ध्यान देना पड़ता है। यही वजह है कि यह भूमिका काफी जिम्मेदारी और भरोसे वाली मानी जाती है। राज शमानी ने भी बातचीत के दौरान इस बात का जिक्र किया कि दुनिया के कई बड़े और प्रभावशाली लोगों को भी जिन बेहद संवेदनशील जगहों तक सामान्य रूप से पहुंच नहीं मिलती, वहां राष्ट्रपति के ADC अपनी जिम्मेदारी के कारण मौजूद हो सकते हैं।

सोशल मीडिया पर सवाल उठाने वालों को जवाब

मेजर सांभ्याल की बातों का मुख्य मुद्दा सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को बिना जांचे सच मान लेने से जुड़ा रहा। उन्होंने साफ तौर पर यह जताया कि उनके बारे में फैली शादी, कई रिश्तों और कथित धोखाधड़ी से जुड़ी बातें उन्हें लेकर बनाई गई अफवाहों का हिस्सा थीं। राष्ट्रपति के पूर्व ADC के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का अनुभव साझा करने के साथ मेजर ऋषभ सिंह सांभ्याल ने इस बातचीत में यह सवाल भी उठाया कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के बारे में गंभीर दावों को स्वीकार करने से पहले लोगों को तथ्यों और विश्वसनीय जानकारी की जांच क्यों नहीं करनी चाहिए।

ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति के ADC को हर महीने कितनी मिलती है सैलरी? आसान भाषा में समझें वेतन और भत्तों का पूरा गणित