बरेली में आला हजरत के 108वें उर्स और कांवड़ यात्रा को पुलिस-प्रशासन ने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया। एक साथ दो बड़े धार्मिक आयोजनों के बीच लाखों लोगों की भीड़ और यातायात संभालना बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने फील्ड में तैनाती के साथ तक
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एडीजी जोन रमित शर्मा ने बताया कि शासन और डीजीपी के निर्देश पर जोन के सभी 9 जिलों को जोड़कर इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर तैयार किया गया है। अलग-अलग जिलों के प्रमुख चौराहों, मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगे कैमरों को आईपी एड्रेस के जरिए सेंटर से जोड़ा गया है। इससे अधिकारियों को एक ही जगह से पूरे जोन की स्थिति देखने में मदद मिली।

बरेली में आला हजरत के 108वें उर्स और कांवड़ यात्रा को पुलिस-प्रशासन ने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया।
भीड़ बढ़ी तो तुरंत संबंधित जिले को सूचना
कमांड सेंटर से प्रमुख स्थानों पर भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई। कहीं भी भीड़ बढ़ने या यातायात का दबाव बनने पर संबंधित जिले के अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी जा सकती थी। इससे समय रहते पुलिस बल और अन्य संसाधनों को मौके पर भेजने में मदद मिली।
कुल के बाद शुरू हुई 10 लाख जायरीनों की रवानगी
उर्स के अंतिम दिन दोपहर 2:38 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में जायरीन अपने गंतव्य के लिए रवाना होने लगे। करीब 10 लाख से अधिक जायरीनों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने उर्स स्थल से लेकर प्रमुख मार्गों और पार्किंग स्थलों तक सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था संभाली। पुलिस का फोकस भीड़ को व्यवस्थित तरीके से निकालने पर रहा।

एडीजी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ी गई।
कैमरों के साथ सड़क पर भी मुस्तैद रही पुलिस
एडीजी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ी गई। उर्स स्थल, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। कमांड सेंटर से मिलने वाली जानकारी और मौके पर मौजूद अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय रखा गया। इससे किसी भी स्थिति पर तत्काल नजर रखने में मदद मिली।
एक साथ दो आयोजन, फिर भी नहीं बिगड़ा माहौल
एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि उर्स और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजन एक साथ होने के बावजूद दोनों शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। उन्होंने इसे आपसी सहयोग और सौहार्द की मिसाल बताया। पुलिस-प्रशासन की फील्ड तैनाती, तकनीकी निगरानी और आम लोगों के सहयोग से दोनों आयोजनों को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराया गया।