लखनऊ के जुबिली कॉलेज में AI-रोबोटिक्स लैब बनेगी: आधुनिक तकनीक की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, ड्रोन-रोबोट बनाना सीखेंगे छात्र - Lucknow News

Published on 6 अक्टू॰ 2026

अतुल कुमार सिंह | लखनऊ4 घंटे पहले

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लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को अब किताबों के साथ आधुनिक तकनीक की भी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलेगी। टाटा नेल्को के CSR सहयोग से कॉलेज में अत्याधुनिक AI, रोबोटिक्स और इनोवेशन लैब तैयार की जा रही है। अक्टूबर के अंत तक लैब का संचालन शुरू करने की तैयारी है।

प्रधानाचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज लखनऊ का मुख्यालय विद्यालय है। संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र पांडेय के निर्देशन में तैयार हो रही यह लैब राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा का नया प्लेटफॉर्म बनेगी।

प्रदेश में अपनी तरह की पहली लैब

प्रधानाचार्य के मुताबिक, यह पूरे प्रदेश में अपनी तरह की पहली अनोखी लैब होगी। इसका उपयोग सिर्फ जुबिली इंटर कॉलेज के विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि अन्य राजकीय विद्यालयों के बच्चे भी कर सकेंगे। कॉलेज को इसके लिए नोडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

ड्रोन, रोबोट और इलेक्ट्रिक व्हीकल की ट्रेनिंग

लैब में विद्यार्थी ड्रोन बनाना और उड़ाना सीखेंगे। इसके साथ ही रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों की प्रैक्टिकल जानकारी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल कैसे तैयार होते हैं, इसकी जानकारी के साथ विद्यार्थियों को उन्हें बनाने की प्रक्रिया भी सिखाई जाएगी। लैब में स्टूडियो की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

तीन साल तक मिलेंगे दो ट्रेनर

शुरुआत के तीन वर्षों तक कार्यदाई संस्था नेल्को की ओर से दो ट्रेनर उपलब्ध कराए जाएंगे। ये विद्यार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यालय के नोडल शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि आगे वे खुद विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण दे सकें।

पहले भी AI-रोबोटिक्स लैब करा चुके हैं प्रधानाचार्य

प्रधानाचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव इससे पहले पीएम राजकीय क्वींस कॉलेज, वाराणसी में प्रधानाचार्य के कार्यकाल के दौरान पुरातन छात्रों के सहयोग से 50 लाख रुपए की लागत से AI और रोबोटिक्स लैब स्थापित करा चुके हैं। अब राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बनने वाली यह लैब राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को तकनीक और नवाचार से जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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