छात्रों को घर बैठे मुफ्त किताबें पहुंचाएगी गुजरात सरकार, Amazon से हुआ करार

Published on 23 अग॰ 2026

छात्रों को घर बैठे मुफ्त किताबें पहुंचाएगी गुजरात सरकार, Amazon से हुआ करार

छात्रों को घर बैठे मुफ्त किताबें पहुंचाएगी गुजरात सरकारImage Credit source: Getty Images

गुजरात में छात्रों और अभिभावकों के लिए स्कूल की किताबें खरीदना अब पहले से आसान होने जा रहा है. गुजरात राज्य विद्यालय पाठ्यपुस्तक बोर्ड ने पाठ्यपुस्तकों की ऑनलाइन बिक्री और घर तक डिलीवरी के लिए Amazon के साथ समझौता किया है. इस सुविधा के तहत छात्र और अभिभावक घर बैठे जरूरी किताबें ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे. खास बात यह है कि किताबों की डिलीवरी के लिए किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. किताबें अपने निर्धारित मुद्रित मूल्य पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी. इस पहल से खासतौर पर निजी और स्व-वित्तपोषित स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है.

Amazon के जरिए घर तक पहुंचेंगी किताबें

गुजरात राज्य विद्यालय पाठ्यपुस्तक बोर्ड ने गांधीनगर में शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा की मौजूदगी में Amazon के साथ एमओयू पर सिग्नेचर किए हैं. इसके बाद बोर्ड की ओर से प्रकाशित अलग-अलग कक्षाओं और माध्यमों की पाठ्यपुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी.

छात्र और उनके माता-पिता Amazon के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार किताबें ऑर्डर कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें किताबों की दुकानों या अधिकृत वितरकों के पास जाने की जरूरत नहीं होगी. ऑनलाइन ऑर्डर की गई किताबें सीधे उनके घर तक पहुंचाई जाएंगी.

डिलीवरी के लिए नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क

इस सुविधा की सबसे खास बात यह है कि छात्रों को किताबों की कीमत के अलावा कोई अतिरिक्त डिलीवरी चार्ज नहीं देना होगा. पाठ्यपुस्तकें उनके तय मुद्रित मूल्य पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे उन विद्यार्थियों को भी सुविधा मिलेगी, जिन्हें स्कूल की किताबों के अलावा किसी अतिरिक्त पुस्तक की जरूरत होती है.

गुजरात राज्य विद्यालय पाठ्यपुस्तक बोर्ड हर साल स्व-वित्तपोषित स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए करीब 1.5 करोड़ पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराता है. अभी तक किताबों की सप्लाई अधिकृत वितरकों के जरिए पुस्तक विक्रेताओं तक पहुंचती है. इसके बाद विद्यार्थी दुकानों से किताबें खरीदते हैं.

नई ऑनलाइन व्यवस्था से खासकर नए शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्रों और अभिभावकों को राहत मिल सकती है. उस समय किताबों की दुकानों पर भीड़ और लंबी कतारों की समस्या आम रहती है. Amazon के जरिए घर बैठे किताबें मंगाने की सुविधा से समय और मेहनत दोनों बचेंगे.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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