Amazon-Flipkart Sale: EMI या कैशबैक? शॉपिंग से पहले जान लें असली बचत का गणित

Published on 4 अक्टू॰ 2026

Published: Sunday, October 4, 2026, 19:54 [IST]

इस हफ्ते से त्योहारी सीजन की सबसे बड़ी मेगा सेल्स शुरू हो रही हैं। अमेज़न की 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' सेल 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। वहीं, फ्लिपकार्ट की 'बिग बिलियन डेज़' सेल में 8 अक्टूबर से अर्ली एक्सेस मिलेगा, जबकि बाकी सभी यूज़र्स के लिए मेन सेल 9 अक्टूबर से शुरू होगी। अमेज़न ने चुनिंदा SBI कार्ड्स पर 10% के इंस्टेंट डिस्काउंट की पुष्टि की है। कुछ अर्ली डील्स तो अभी से लाइव हो चुकी हैं। हालांकि, आपकी असली बचत इस बात से तय होगी कि आप पेमेंट के लिए ईएमआई (EMI), 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) या कार्ड कैशबैक में से कौन सा विकल्प चुनते हैं।

सेल के बड़े-बड़े विज्ञापनों से ज्यादा ध्यान नियम और शर्तों पर देना जरूरी है। यूपीआई पर रुपे (RuPay) क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आप पर्सन-टू-पर्सन (P2P) या कुछ अन्य प्रतिबंधित श्रेणियों के ट्रांजेक्शन के लिए नहीं कर सकते। इसके अलावा, ट्रांजेक्शन की लिमिट आपकी क्रेडिट लिमिट और NPCI के नियमों के तहत तय होती है। अमेज़न प्राइम मेंबर्स को Amazon Pay ICICI क्रेडिट कार्ड के जरिए 5% का कैशबैक मिलता है। हालांकि, कई इंस्टेंट डिस्काउंट ऑफर्स क्रेडिट-ऑन-यूपीआई और वॉलेट ट्रांजेक्शन पर लागू नहीं होते, या फिर उनमें प्रति ऑर्डर डिस्काउंट की एक अधिकतम सीमा तय होती है। इसलिए शॉपिंग पूरी करने से पहले बैंक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ऑफर नियम जरूर जांच लें।

Amazon Great Indian Festival vs Flipkart Big Billion Days 2026: EMI vs Cashback Savings Guide

EMI बनाम BNPL बनाम कार्ड कैशबैक: समझिए असली बचत का गणित

मान लीजिए आप ₹50,000 का फोन खरीदते हैं: 10% बैंक डिस्काउंट के बाद इसकी कीमत घटकर ₹45,000 रह जाती है। लेकिन अगर आप 15% की ब्याज दर पर 6 महीने की कार्ड ईएमआई चुनते हैं और साथ में 1% प्रोसेसिंग फीस देते हैं, तो ब्याज और फीस मिलाकर करीब ₹2,772 का अतिरिक्त खर्च जुड़ जाएगा। फोरक्लोज़र (समय से पहले पेमेंट) की फीस जोड़े बिना भी यह लगभग 11% की वार्षिक ब्याज दर (APR) बैठती है। वहीं 1% फीस वाली "नो-कॉस्ट" ईएमआई पर भी वास्तव में करीब 2% APR लग जाता है। इसके अलावा, अगर आप प्रोडक्ट रिटर्न भी करते हैं, तो भी बैंक का ब्याज वापस नहीं मिलता; फ्लिपकार्ट ने अपनी शर्तों में इसे साफतौर पर स्पष्ट किया है।

परिस्थिति (Scenario)तुरंत मिलने वाली छूटकार्ड EMI का खर्चBNPL/नो‑कॉस्ट EMI फीसअनुमानित APR
₹50,000 का फोन (6 महीने)₹45,000 का भुगतान≈₹2,772 चार्ज≈₹500EMI ≈11%; BNPL ≈2%
₹80,000 का एप्लायंस (9 महीने)₹72,000 का भुगतान≈₹5,886 चार्ज≈₹800EMI ≈9.8%; BNPL ≈1.3%

EMI बनाम BNPL बनाम कार्ड कैशबैक: रिफंड, चार्ज और FD से तुलना

₹80,000 का एप्लायंस खरीदने पर: 15% ब्याज और 1% फीस के साथ 9 महीने की कार्ड ईएमआई पर कुल खर्च करीब ₹5,886 बैठता है, जो लगभग 9.8% APR है। इसके अलावा, कई बैंक समय से पहले ईएमआई बंद (फोरक्लोज़र) कराने पर 2 से 3% तक का चार्ज वसूलते हैं। मर्चेंट पेमेंट के दौरान यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल होने पर T+5 दिनों के भीतर ऑटो-रिवर्सल होना जरूरी है, अन्यथा देरी होने पर मुआवजा मिलने का नियम है। फिलहाल बड़े बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें 5.5 से 6.5% के आसपास हैं। ऐसे में अगर डिस्काउंट के बाद भी आपका APR इससे ज्यादा बैठता है, तो ईएमआई के बजाय सीधे कार्ड कैशबैक चुनना ही ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा।

Story first published: Sunday, October 4, 2026, 19:54 [IST]

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