Anant Chaturdashi 2026 Date: कब है अनंत चतुर्दशी? नोट करें तारीख, गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि

Published on 24 सित॰ 2026

Published: Thursday, September 24, 2026, 11:00 [IST]

Anant Chaturdashi 2026 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी या अनंत चौदस का पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा के लिए खास माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा, अनंत चतुर्दशी का दिन गणेश उत्सव के समापन के लिए भी जाना जाता है। इस दिन भक्त 10 दिन तक गणेश जी को अपने घरों में स्थापित करने के बाद उनकी प्रतिमा का पवित्र नदी में विसर्जन कर उन्हें विदा करते हैं। आइए, जानते हैं इस साल अनंत चतुर्दशी की तिथि और गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विधि -

Anant Chaturdashi 2026
फोटो क्रेडिट: Canva

अनंत चतुर्दशी 2026 तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अनंत चतुर्दशी तिथि का आरंभ 24 सितंबर, गुरुवार को रात में 11 बजकर 19 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 25 सितंबर, शुक्रवार को रात के 11 बजकर 07 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी।

गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त

लाभ चौघड़िया : सुबह के 7 बजकर 41 मिनट से लेकर 9 बजकर 11 मिनट तक
अमृत चौघड़िया : सुबह के 9 बजकर 11 मिनट से लेकर 10 बजकर 42 मिनट तक
शुभ चौघड़िया : दोपहर के 12 बजकर 12 मिनट से लेकर 1 बजकर 43 मिनट तक
लाभ चौघड़िया : रात के 9 बजकर 14 मिनट से लेकर 10 बजकर 44 मिनट तक

गणेश विसर्जन 2026 विधि

अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
बप्पा को विदा करने से पहले उनकी विधि-विधान से पूजा करें। इसके सबसे पहले मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
इसके बाद गणेश जी के सामने बैठकर 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। मान्यता के अनुसार, इस मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।
पूजा के दौरान गणेश जी को फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
इसके बाद गणेश चालीसा का पाठ करें और श्रद्धा के साथ उनकी आरती करें।
अंत में बप्पा को भोग लगाएं।
विसर्जन से पहले गणेश जी से जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें और सुख-शांति की प्रार्थना करें।
पूजा पूरी होने के बाद परिवार के साथ गणेश जी की प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक विसर्जन के लिए ले जाएं और विधि-विधान से बप्पा को विदाई दें।

Story first published: Thursday, September 24, 2026, 11:00 [IST]