Asian Games 2026: दादी के 3000 रुपये ने बदली कुमकुम की किस्मत, गोल्ड पर तीर लगाकर कटाया ओलंपिक का टिकट

Published on 3 अक्टू॰ 2026

Asian Games 2026: दादी के 3000 रुपये ने बदली कुमकुम की किस्मत, गोल्ड पर तीर लगाकर कटाया ओलंपिक का टिकट

कुमकुम ने जीता गोल्ड (Photo: Getty)

Kumkum Mohod win Gold Medal: एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने जो कर दिखाया, वो ऐतिहासिक कारनामा है. उन्होंने ओलंपिक का टिकट हासिल किया है. गोल्ड मेडल पर तीर चलाया है. 17 साल की कुमकुम ने महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल इवेंट में भारत का नाम रोशन किया है. वो एशियन गेम्स में रिकर्व इंडिविजुअल इवेंट का फाइनल खेलने और उसे जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज है. कुमकुम के लिए कामयाबियों के इन स्क्रिप्ट के लिखने की शुरुआत दादी से मिले 3000 रुपये से हुई थी.

दादी के 3000 रुपये से खरीदा अपना पहला धनुष

एशियन गेम्स 2026 में आर्चरी में कुमकुम मोहोत ने अपने शानदार सफर का अंत 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीतकर किया. उन्होंने महिलाओं के इंडिविजुअल रिकर्व में गोल्ड जीतने से पहले कुमकुम ने यही कमाल टीम इवेंट में किया था. इसके अलावा मिक्स्ड टीम इवेंट में उन्होंने सिल्वर जीता. 17 साल की उम्र में एशियन गेम्स में धमाका करने वाली कुमकुम मोहोत के तीरंदाज बनने के सफर की शुरुआत 8 साल पहले दादी के दिए 3000 रुपये से हुई थी. ये वो पैसे थे जिससे उन्होंने अपना पहला लकड़ी का धनुष खरीदा था.

पिता मिठाई के दुकानों के लिए बनाते हैं डिब्बे

कुमकुम मोहोत के पिता मिठाई की दुकानों के लिए गत्ते के डिब्बे बनाने का काम करते हैं. उसी की कमाई से मोहोत परिवार का गुजर बसर होता है. कुमकुम को तीरंदाज बनाने में उनकी मां रूपाली का भी बड़ा योगदान है, जिन्होंने अपनी बेटी को लगातार इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.

कुमकुम मोहोत ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला

2025 में बैंकॉक में हुए एशिया कप से इंटरनेशनल तीरंदाजी में कदम रखने वाली कुमकुम ने बहुत कम समय में ही अपना लोहा मनवा दिया है. उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम बुलंद किया है. सबसे पहले तो उन्होंने महिला इंडिविजुअल रिकर्व इवेंट के फाइनल में जगह बनाकर लॉस एंजिलिस में होने वाले 2028 ओलंपिक का टिकट हासिल किया. फिर उसके बाद फाइनल में साउथ कोरिया की तीरंदाज को शूट ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता. कुमकुम मोहोत एशियन गेम्स में महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय हैं.

साकेत शर्मा

साकेत शर्मा

'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.

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