नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स के रोमांचक खिताबी मुकाबले में इतिहास रच दिया है। फाइनल मैच में भारतीय बेटियों ने अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी चीन को 1-0 से धूल चटाकर स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने महिला हॉकी में 44 साल बाद एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतकर लंबे इंतजार को खत्म किया है। यह जीत इसलिए भी बेहद खास बन गई है क्योंकि खिताबी जीत दर्ज करने के साथ ही भारतीय महिला टीम ने वर्ष 2028 में लॉस एंजिलिस में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए सीधे तौर पर क्वालीफाई कर लिया है। मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल मैच के 10वें मिनट में हुआ, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर अंत तक इस बढ़त को बनाए रखा।
200वें मैच में चमकीं लालरेमसियामी, 10वें मिनट में दागा निर्णायक गोल
मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक तेवर दिखाए और चीनी खेमे पर लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि, खेल के छठे मिनट में भारतीय खिलाड़ी बलजीत कौर को फाउल के चलते ग्रीन कार्ड दिखाया गया, लेकिन 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए भी टीम इंडिया का हौसला कम नहीं हुआ। मैच के 10वें मिनट में स्टार फारवर्ड लालरेमसियामी ने विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदते हुए एक बेहतरीन फील्ड गोल दागकर भारत को 1-0 की अहम बढ़त दिला दी।
दिलचस्प बात यह है कि यह मुकाबला लालरेमसियामी के अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मैच था, जिसे उन्होंने इस यादगार गोल के साथ हमेशा के लिए ऐतिहासिक बना दिया। पहले क्वार्टर में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर के रूप में बढ़त दोगुनी करने का एक और शानदार मौका मिला था, लेकिन टीम इसे भुनाने से चूक गई। इसके बावजूद भारतीय टीम पहले क्वार्टर के समापन तक 1-0 से आगे रही।
दूसरे क्वार्टर में सविता पूनिया ने रोकी चीनी दीवार, पेनाल्टी स्ट्रोक किया नाकाम
दूसरे क्वार्टर में चीनी टीम ने मैच में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक दी और भारतीय डी-एरिया पर ताबड़तोड़ हमले बोले। चीन को मैच में 1-1 की बराबरी हासिल करने का सबसे सुनहरा मौका तब मिला, जब अंपायर ने उनके पक्ष में पेनल्टी स्ट्रोक का फैसला सुनाया। लेकिन भारत की ‘द ग्रेट वॉल’ कही जाने वाली अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने अद्भुत चपलता और धैर्य दिखाते हुए इस पेनल्टी स्ट्रोक का शानदार बचाव किया और गेंद को गोलपोस्ट में जाने से रोक दिया।
सविता के इस करिश्माई बचाव ने टीम में नया जोश भर दिया। इसके बाद भी चीनी फॉरवर्ड्स ने कई बार भारतीय गोल पर हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर्स ने दीवार बनकर उनके हर प्रयास को नाकाम कर दिया। इस क्वार्टर में भारतीय टीम ने रक्षात्मक रणनीति पर फोकस रखा और हाफ टाइम तक अपनी 1-0 की बढ़त को सुरक्षित बनाए रखा। वहीं खेल के 28वें मिनट में चीनी खिलाड़ी वेन डान को रफ टैकल के कारण ग्रीन कार्ड का सामना करना पड़ा। अंतिम पलों तक भारतीय खिलाड़ियों ने अटूट तालमेल बनाए रखा और अंततः 1-0 की ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।
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