Asian Games 2026: 503 खिलाड़ी, 100+ मेडल का सपना… नागोया में इस बार इतिहास बदलने उतरेगा भारत

Published on 19 सित॰ 2026

India Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। इस बार 503 एथलीट्स समेत 768 लोगों का दल जा रहा है। पिछली बार 106 मेडल जीतकर इतिहास रचने वाला भारत इस बार टॉप-3 में आने का टारगेट लेकर चल रहा है। पीवी सिंधु और मनु भाकर जैसे स्टार्स से काफी उम्मीदें हैं।

Asian Games Nagoya: जापान के नागोया में एशियन गेम्स का खुमार छाने वाला है। पिछली बार मेडल टैली में 100 का आंकड़ा पार करने वाला भारत इस बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरेगा। इस बार कुल 503 एथलीट्स भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। इनके अलावा 265 सपोर्ट स्टाफ भी टीम के साथ है। यानी कुल 768 भारतीयों का दल जापान पहुंच रहा है। कर्नाटक से भी 24 खिलाड़ी इस बार अपना दम दिखाएंगे। इनमें स्विमर श्रीहरि नटराज, गोल्फर अदिति अशोक, एथलीट स्नेहा, यशस पी., एम.आर. पूवम्मा, सिंधुश्री, शटलर आयुष शेट्टी और क्रिकेटर श्रेयंका पाटिल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

आपको याद होगा, पिछली बार चीन के हांगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत के 661 लोगों के दल ने हिस्सा लिया था। तब भारत ने 28 गोल्ड समेत कुल 106 मेडल जीते थे। एशियन गेम्स के इतिहास में यह भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन था। इसके बावजूद भारत मेडल टैली में टॉप-3 में नहीं आ पाया था और चौथे नंबर पर रहा था। इस बार टीम इंडिया का सीधा टारगेट टॉप-3 में जगह बनाना है। वैसे, अब तक हुए 19 संस्करणों में भारत सिर्फ दो बार ही टॉप-3 में रहा है। 1951 में हम दूसरे और 1962 में तीसरे नंबर पर रहे थे।

इन स्टार्स से है मेडल की उम्मीद

इस बार भी देश को अपने कुछ खास एथलीट्स से बहुत उम्मीदें हैं। बैडमिंटन में पी.वी. सिंधु, लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग की जोड़ी और आयुष पर नजरें रहेंगी। एथलेटिक्स में अविनाश साबले, तजिंदर पाल, पारुल चौधरी और अनिमेष मेडल के तगड़े दावेदार हैं। बॉक्सिंग रिंग में लवलीना बोरगोहेन, साक्षी चौधरी, अंकुश, प्रिया, प्रीति पवार और सचिन सिवाच से पदकों की आस है। कुश्ती में अमन, अंतिम पंघाल और निशा दहिया दम दिखाएंगे। वहीं, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू और शूटिंग में मनु भाकर व ईशा सिंह मेडल रेस में सबसे आगे हैं। इसके अलावा, क्रिकेट और कबड्डी में तो भारतीय टीमें गोल्ड की सबसे बड़ी फेवरेट मानी जा रही हैं।

टेकबॉल में इतिहास रचने के करीब भारत!

नागोया एशियन गेम्स में भारत टेकबॉल (Teqball) में एक ऐतिहासिक मेडल जीतने के करीब पहुंच गया है। विमेंस सिंगल्स में क्विम्सी जोआकिम डिसूजा ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ग्रुप स्टेज में अपने दोनों मैच जीतकर टॉप पर रहने वाली क्विम्सी को क्वार्टर फाइनल में बाई (Bye) मिला था। अगर वो शनिवार को होने वाला सेमीफाइनल जीत लेती हैं, तो मेडल पक्का हो जाएगा। अगर हार भी गईं, तो रविवार को ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलने का मौका रहेगा।

इसी बीच, क्विम्सी और मोहम्मद बेग की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स के क्वार्टर फाइनल में हार गई। लेकिन उन्होंने रेपेचेज राउंड में एंट्री कर ली है, जिससे ब्रॉन्ज मेडल जीतने की उम्मीद अभी भी बाकी है।

आखिर क्या है टेकबॉल?

अगर आप सोच रहे हैं कि टेकबॉल क्या है, तो बता दें कि यह फुटबॉल और टेबल टेनिस का एक मजेदार मिक्सचर है। इसे टेबल टेनिस जैसी दिखने वाली एक कर्व्ड (घुमावदार) टेबल पर खेला जाता है, लेकिन इसमें गेंद फुटबॉल की होती है। खिलाड़ी गेंद को हिट करने के लिए अपने हाथ और बांह (arms) को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से का इस्तेमाल कर सकते हैं।