रक्षा-मंत्रालय की कंपनी BEML बोर्ड में छत्तीसगढ़ के शंकर अग्रवाल: मुंगेली में 79.70 एकड़ में निर्माण यूनिट डेवलेप होगा, भारतीय सेना के लिए भारी वाहन बनाए जाएंगे - Chhattisgarh News

Published on 24 अग॰ 2026

रायपुर6 घंटे पहले

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रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाली सरकारी कंपनी बी.ई.एम.एल के निदेशक मंडल में छत्तीसगढ़ से शंकर लाल अग्रवाल को स्वतंत्र निदेशक के रूप में मनोनीत किया गया है। अग्रवाल भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री रहे हैं।

बीईएमएल रक्षा, रेल, खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए उपकरण और मशीनरी तैयार करने वाली मिनीरत्न श्रेणी-1 की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।इसी बीच छत्तीसगढ़ में बीईएमएल की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ गई है।

राज्य कैबिनेट ने मुंगेली जिले के पथरिया तहसील स्थित ग्राम चंद्रगढ़ी में 79.70 एकड़ शासकीय भूमि कंपनी को रियायती दर पर हस्तांतरित करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी है।

रक्षा मंत्रालय के अधीन है बीईएमएल

बीईएमएल केंद्र सरकार की ऐसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जो रक्षा जरूरतों के साथ ही रेल, खनन और भारी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए उपकरण तैयार करती है। कंपनी रक्षा क्षेत्र के लिए विभिन्न प्रकार के भारी वाहन और उपकरण उपलब्ध कराती है।

अब इसके बोर्ड में शंकर लाल अग्रवाल को स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल किया गया है। स्वतंत्र निदेशक की भूमिका कंपनी के निदेशक मंडल में नीतिगत फैसलों, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और प्रबंधन से जुड़े मामलों में होती है।

बीईएमएल जैसे रक्षा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रम में यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और औद्योगिक क्षेत्र के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुंगेली में बनेगी भारी उपकरण निर्माण यूनिट

बीईएमएल की प्रस्तावित यूनिट मुंगेली जिले की पथरिया तहसील के ग्राम चंद्रगढ़ी में स्थापित की जाएगी। इसके लिए 79.70 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्तावित स्थल रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 30 किलोमीटर दूर है।

यूनिट में खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरणों का निर्माण किए जाने की योजना है। इनमें बुलडोजर, डंपर, क्रेन और हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर जैसे उपकरण शामिल हैं।

रक्षा, रेल और भारी उद्योग से जुड़ी है कंपनी

बीईएमएल का कामकाज केवल भारी मशीनरी तक सीमित नहीं है। कंपनी रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में रहते हुए रक्षा और अन्य रणनीतिक सेक्टर के लिए भी काम करती है। वहीं, मुंगेली में प्रस्तावित नई यूनिट से छत्तीसगढ़ में भारी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा अग्रवाल की बोर्ड में नियुक्ति और राज्य में कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की प्रक्रिया आगे बढ़ने से बीईएमएल की छत्तीसगढ़ में मौजूदगी बढ़ने जा रही है।

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