Bharat Tiwari को न्याय दिलाने के लिए जंतर-मंतर पर जुटे हजारों लोग, SC के वकील की अगुवाई में बनी कमेटी

Published on 17 जुल॰ 2026

Time Published: Friday, July 17, 2026, 16:19 [IST]

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी न्याय अधिकार सभा आयोजित की गई। 'क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले हुए इस कार्यक्रम में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों से हजारों लोग पहुंचे।

सभा की शुरुआत 'हम वतन साथियों' गीत से हुई और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी गई। प्रदर्शन में उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई।

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Bharat Tiwari Jantar Mantar protest Delhi: जंतर-मंतर पर जुटे हजारों लोग, न्याय की उठी मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित न्याय अधिकार सभा में आयोजकों के अनुसार करीब 12 हजार लोग शामिल हुए। लोगों ने भरत तिवारी के समर्थन में नारे लगाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। मंच से वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की लड़ाई है। कार्यक्रम के दौरान आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई और तय किया गया कि आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर जारी रखा जाएगा।

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एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, मां ने उठाए सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर को एक महीना पूरा होने पर उनकी मां आशा देवी ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की शिकायतों के समाधान की बात करती है, लेकिन उनके बेटे के मामले में अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी है। आशा देवी ने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग दोहराई।

बहन ने कहा- पुलिस ने मेरा भाई छीन लिया

भरत तिवारी की बहन रूबी ने भावुक होकर कहा कि जिस भाई को उन्होंने राखी बांधी थी, उसे पुलिस ने उनसे छीन लिया। उन्होंने कहा कि घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रूबी ने मांग की कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप है, उन्हें कानून के अनुसार सख्त सजा मिले। प्रदर्शन के दौरान परिवार के साथ मौजूद लोगों ने भी न्याय की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।

जांच के लिए बनाई गई 11 सदस्यीय कमिटी

भरत तिवारी मामले की निगरानी और कानूनी लड़ाई के लिए 11 कमिटियों का गठन किया गया है। मुख्य समिति 'अमर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष समिति' बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वकील अनिल मिश्रा हैं। कार्यकारी अध्यक्ष नागेश्वर दुबे हैं, जबकि संयोजक पंकज त्रिपाठी और सह-संयोजक भरत के पिता काशीनाथ तिवारी हैं। समिति में कई अधिवक्ता शामिल हैं, जो मामले की समीक्षा करेंगे और आगे की कानूनी रणनीति तय करेंगे।

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सुप्रीम कोर्ट के वकील ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई

सुप्रीम कोर्ट के वकील अनिल मिश्रा ने कहा कि जब तक भरत तिवारी को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि मामले की निगरानी किसी मौजूदा हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में कराई जाए। उनका कहना है कि जिन पुलिस अधिकारियों पर आरोप हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक दूसरे जिले में भेजा जाए। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने की बात कही।