Bhopal Master Plan 2047: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) में लंबे इंतजार के बाद भोपाल मास्टर (Bhopal Master Plan) का प्रारूप जारी कर दिया गया है। अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) पर लंबे भोपाल विकास योजना-2047 (Bhopal Master Plan 2047) के प्रारूप का प्रकाशन हुआ है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने सोशल मीडिया (Social Media) पर दी है।
इस योजना में भोपाल (Bhopal News) की प्राकृतिक धरोहर - भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र - के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। साथ ही इसमें हरित TDR का प्रावधान भी किया गया है।
जिससे हरित क्षेत्र (Bhopal Master Plan planning area) में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सके।
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— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 26, 2026
Bhopal Master Plan 2047: एक नजर में मुख्य बातें
| विषय | प्रारूप में दिया गया विवरण |
|---|---|
| Planning area / निवेश क्षेत्र | 1,016.90 वर्ग किलोमीटर |
| शामिल गांव | 254 |
| वर्ष 2047 तक अनुमानित आबादी | 45 लाख |
| प्रस्तावित विकास योग्य क्षेत्र | 61,017.02 हेक्टेयर |
| अगला चरण | नागरिकों से दावे-आपत्तियां और सुझाव |
45 लाख आबादी के लिए क्या प्रस्ताव है?
भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप (Bhopal Master Plan objections Formate) आने वाले वर्षों में शहर की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रिपोर्ट में दिए विवरण के अनुसार इसका planning area 1,016.90 वर्ग किलोमीटर है और 61,017.02 हेक्टेयर क्षेत्र को विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्र बताया गया है।
योजना में नागरिक सुविधाओं, बेहतर mobility और आर्थिक गतिविधियों के लिए स्थान देने की बात है। साथ ही भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल (Bhojtal) , वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र-के संरक्षण पर जोर दिया गया है। ये फिलहाल प्रस्तावित विकास योजना के हिस्से हैं; किसी खास जमीन का उपयोग आधिकारिक land use map से ही पता चलेगा।
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भोजताल और हरित क्षेत्र के लिए Green TDR का प्रस्ताव
प्रारूप में Green TDR का प्रावधान बताया गया है। इसके तहत हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों के लिए क्षतिपूर्ति और developers को Transferable Development Rights (TDR) के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा देने की परिकल्पना है।
पुराने Bhopal Development Plan से कितना बढ़ा दायरा?
रिपोर्ट में दिए इतिहास के अनुसार भोपाल विकास योजना 1991 (Bhopal Master Plan 1991) का प्रकाशन वर्ष 1975 में हुआ था। इसके बाद भोपाल विकास योजना 2005 वर्ष 1995 में स्वीकृत हुई। पुराने आधिकारिक ड्राफ्ट दस्तावेज़ में Development Plan 2005 का क्षेत्र 601.06 वर्ग किलोमीटर और गांवों की संख्या 146 दर्ज है। उसी दस्तावेज़ में योजना के 1995 में स्वीकृत होने का उल्लेख भी है।
| योजना | Planning area | शामिल गांव |
|---|---|---|
| Bhopal Development Plan 2005 | 601.06 वर्ग किलोमीटर | 146 |
| प्रस्तावित Bhopal Development Plan 2047 | 1,016.90 वर्ग किलोमीटर | 254 |
इस तुलना से प्रस्तावित योजना (Bhopal Master Plan 2047 villages) का दायरा पहले से बड़ा दिखाई देता है। हालांकि 2047 के सटीक आंकड़े और गांवों की सूची प्रकाशित 2047 दस्तावेज़ से मिलाना जरूरी है। उपलब्ध 2031 ड्राफ्ट में 1,016.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के साथ 248 गांव दर्ज थे; उसे 2047 के आंकड़ों का स्रोत नहीं मानना चाहिए।
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