भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ITH पहुंचे, जहां उनकी कंटेंट क्रिएटर रवि मीणा से बातचीत हुई। इस दौरान युवाओं, सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने लोगों से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
ITH पर युवाओं से मिले कलेक्टर प्रियंक मिश्रा
- Published: 13 Aug 2026, 11:56 AM IST
- Last Updated: 13 Aug 2026, 11:56 AM IST
भोपाल: राजधानी भोपाल के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का एक अलग अंदाज सामने आया। वे शहर के चर्चित ITH पहुंचे, जहां कंटेंट क्रिएटर रवि मीणा से उनकी मुलाकात हुई। मौसम और शहर के माहौल का आनंद लेते हुए दोनों के बीच युवाओं, सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर बातचीत हुई। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन के लिए यह जानना जरूरी है कि शहर के युवा क्या सोच रहे हैं और उनके मन में क्या चल रहा है।
प्रियंक मिश्रा ने कहा कि ITH जैसी जगहों पर शहर के युवाओं की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे स्थानों पर अनौपचारिक बातचीत से शहर के युवाओं की सोच और उनकी प्राथमिकताओं को समझने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और युवाओं के बीच संवाद केवल सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
हेलमेट पहनने की अपील
बातचीत के दौरान भोपाल में चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ और ‘सड़क सुरक्षा’ अभियानों का भी जिक्र हुआ। कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों से नियमों का पालन करने और खासतौर पर दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शहर में अभी भी बहुत से लोग नियमित रूप से हेलमेट नहीं पहनते। हादसा होने की स्थिति में हेलमेट जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए हेलमेट पहनना केवल पुलिस के चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद और परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
‘चालान से नहीं, सोच बदलने से आएगा बदलाव’
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि केवल नियम बनाने, जुर्माना लगाने या चालान काटने से सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए लोगों के भीतर से जिम्मेदारी की भावना विकसित होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि Civic Sense यानी नागरिक समझ और जिम्मेदारी लोगों के अंदर से आनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति यातायात नियमों का पालन करता है तो वह सिर्फ सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा होता, बल्कि अपनी, अपने परिवार और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा होता है।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जब नागरिक सरकार से सुविधाओं और बेहतर व्यवस्था की उम्मीद करते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से कही जा रही सही बातों को भी मानना चाहिए। उन्होंने माना कि भोपाल के नागरिकों में Civic Sense को और मजबूत करने की जरूरत है।
युवाओं से संवाद को बताया जरूरी
प्रियंक मिश्रा और कंटेंट क्रिएटर रवि मीणा के बीच हुई यह बातचीत प्रशासन और युवाओं के बीच संवाद का एक अलग उदाहरण रही। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से जुड़े रहने वाले कंटेंट क्रिएटर्स प्रशासन तक युवाओं की आवाज पहुंचाने में भी भूमिका निभा सकते हैं।
कलेक्टर का यह संदेश साफ है कि भोपाल को बेहतर और सुरक्षित शहर बनाने के लिए सिर्फ प्रशासन की कार्रवाई काफी नहीं है। इसमें नागरिकों की जिम्मेदारी और सहयोग भी उतना ही जरूरी है।