Bhopal Police: अपराधियों पर कसेगी नकेल, अब तैनात होंगे 'सीक्रेट नागरिक', सीधे पुलिस कमिश्नर को देंगे रिपोर्ट - Haribhoomi

Published on 9 अग॰ 2026

भोपाल में अपराध और नशाखोरी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस नई माइक्रो बीट व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इसके तहत भरोसेमंद नागरिकों को गोपनीय रूप से 'माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी' बनाया जाएगा। वे अपने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों, नशाखोरी, अपराधियों की सक्रियता और कानून-व्यवस्था से जुड़े विवादों की जानकारी पुलिस को देंगे।

Bhopal Police

भोपाल में अपराधियों पर कसेगी नकेल (AI)

  • Published: 09 Aug 2026, 02:06 PM IST
  • Last Updated: 09 Aug 2026, 02:06 PM IST

भोपाल: राजधानी में अपराध, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए भोपाल पुलिस अब आम नागरिकों को भी माइक्रो बीट व्यवस्था से जोड़ने जा रही है। इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में भरोसेमंद और जागरूक नागरिकों को गोपनीय रूप से 'माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी' बनाया जाएगा। इन नागरिकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

इस व्यवस्था की शुरुआत पुलिस आयुक्त संजय कुमार की पहल पर की जा रही है। इसका उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहले पहुंचाना है।

इलाके की हर गतिविधि पर रहेगी नजर
माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी अपने क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की आवाजाही, नशाखोरी, अपराधियों की सक्रियता और असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा ऐसे स्थानीय विवादों की जानकारी भी पुलिस को देंगे, जिनसे आगे चलकर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो।
पुलिस का मानना है कि किसी भी इलाके में रहने वाले लोगों को अपने आसपास होने वाली गतिविधियों की जानकारी सबसे पहले होती है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों को पुलिसिंग व्यवस्था से जोड़ने से अपराध की सूचना तेजी से मिल सकती है।

पुलिसकर्मी की लापरवाही भी होगी रिपोर्ट
इस व्यवस्था की खास बात यह है कि नागरिक प्रभारी सिर्फ अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना ही नहीं देंगे। अगर किसी मामले की जानकारी देने के बाद स्थानीय बीट प्रभारी या पुलिसकर्मी कार्रवाई में लापरवाही करता है, तो इसकी शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी।

जरूरत पड़ने पर ऐसी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर तक भी पहुंचाई जाएगी। इससे जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली की निगरानी करने में भी मदद मिलेगी।

गोपनीय तरीके से होगा चयन
भोपाल पुलिस प्रत्येक माइक्रो बीट के लिए बेदाग छवि, सामाजिक जिम्मेदारी और विश्वसनीयता रखने वाले नागरिकों का एक गोपनीय पैनल तैयार कर रही है। चयनित नागरिकों की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, ताकि वे बिना दबाव के अपने क्षेत्र की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकें।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माइक्रो बीट पुलिसिंग व्यवस्था की सबसे छोटी इकाई है, लेकिन अपराध नियंत्रण में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्तर से समय पर और सही जानकारी मिलने पर पुलिस संभावित अपराध को होने से पहले रोकने की कोशिश कर सकती है।

हर महीने होगी समीक्षा
नई व्यवस्था में नागरिकों से मिलने वाली सूचनाओं, उन पर पुलिस की कार्रवाई और शिकायतों की हर महीने उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी। इससे यह भी देखा जाएगा कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कितनी तेजी से कार्रवाई की।
भोपाल पुलिस का लक्ष्य इस व्यवस्था के जरिए अपराधियों पर नजर मजबूत करना और आम नागरिकों की मदद से शहर में जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी बनाना है।