बिहार में साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल सिम कार्ड जारी करने के मामले में जमुई साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चकाई थाना क्षेत्र के सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरौन गांव निवासी राजकपूर यादव और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। दोनों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, जमुई के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने खुफिया सूचना विकसित कर कार्रवाई की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि सरौन गांव स्थित शुभ सीएससी सेंटर के माध्यम से जारी किए गए कुछ सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगी की घटनाओं में किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना की टीम ने संबंधित सीएससी केंद्र पर छापेमारी की।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उक्त पीओएस आईडी का इस्तेमाल राजकपूर यादव और अरविंद कुमार द्वारा किया जा रहा था। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पीओएस आईडी से जारी किए गए सिम कार्डों और उनसे जुड़ी शिकायतों की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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पुलिस जांच में पता चला कि पिछले चार महीनों के दौरान उक्त पीओएस आईडी से करीब 100 मोबाइल सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें से 80 मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायतें दर्ज मिलीं। इन 80 मोबाइल नंबरों से जुड़े करीब 125 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में लगभग 13 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल करने वाले साइबर अपराधियों से गिरफ्तार आरोपियों का किस तरह का संपर्क था। साथ ही सिम जारी करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक प्रक्रिया के लिए न्यायालय भेज दिया गया है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।