बिहार का ऊर्जा विभाग नेट मीटरिंग योजना के तहत अतिरिक्त रूफटॉप सोलर के लिए साल के अंत में क्रेडिट चाहता है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी अतिरिक्त बिजली से कमाई करने का मौका मिलेगा। पीएम कुसुम के लक्ष्यों के अनुरूप यह कदम, राज्य में ग्रिड एकीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को मजबूत करते हुए घरों और किसानों के बीच सौर ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा देना चाहता है।
By Oneindia Staff
Published: Wednesday, October 7, 2026, 21:02 [IST]
पटना, 7 अक्टूबर 2026: बिहार में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को उनकी अतिरिक्त सौर बिजली का आर्थिक लाभ दिलाने की दिशा में ऊर्जा विभाग ने पहल की है। विभाग ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) से वित्तीय वर्ष के अंत में उपभोक्ता के खाते में बची अतिरिक्त सौर बिजली के लिए आवश्यक प्रावधान करने का अनुरोध किया है।
प्रस्ताव के तहत वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर उपभोक्ता के खाते में बची अतिरिक्त बिजली को ऊर्जा विभाग द्वारा खरीदा जाएगा। इससे रूफटॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं को अपनी अतिरिक्त उत्पादित बिजली का भी आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत घर में लगा सोलर प्लांट पहले घरेलू बिजली की जरूरत पूरी करता है। इसके बाद बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है और उसका समायोजन उपभोक्ता के बिजली बिल में किया जाता है।
यदि किसी महीने सोलर से उत्पादित बिजली खपत से अधिक होती है, तो बची बिजली का लाभ अगले महीने की खपत के साथ समायोजित किया जाता है। इस तरह अतिरिक्त बिजली का क्रेडिट आगे के महीनों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, वर्तमान व्यवस्था में वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में बची अतिरिक्त बिजली का क्रेडिट समाप्त हो जाता है। ऊर्जा विभाग इसी व्यवस्था में बदलाव के लिए BERC से आवश्यक प्रावधान की मांग कर रहा है।
रूफटॉप सोलर लगाने के लिए मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव से उन उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है, जो अपने घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाते हैं। इससे लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
विभाग का मानना है कि पहले से रूफटॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं को भी उनकी अतिरिक्त बिजली का उचित आर्थिक लाभ मिल सकेगा। इससे बिहार में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के साथ पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
पीएम-कुसुम योजना से किसानों को भी लाभ
बिहार में पीएम-कुसुम योजना के तहत किसान भी सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इन सोलर प्लांटों से उत्पादित बिजली की खरीद ऊर्जा विभाग द्वारा की जा रही है।
इस व्यवस्था से किसानों को अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाने और उत्पादित बिजली बेचकर आय प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, राज्य में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सोलर प्लांट से ग्रिड कनेक्शन तक सहयोग
ऊर्जा विभाग की ओर से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं, किसानों और सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, sोलर प्लांट लगाने से लेकर उसे बिजली ग्रिड से जोड़ने और संबंधित प्रक्रियाओं में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार पर जोर
ऊर्जा विभाग का उद्देश्य सोलर ऊर्जा अपनाने वाले उपभोक्ताओं और किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना तथा बिहार में सौर ऊर्जा का तेजी से विस्तार करना है। अतिरिक्त सौर बिजली के आर्थिक लाभ से जुड़ा प्रस्ताव इसी दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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