Bihar Train : बिहार में रेल सफर होगा आसान! मोकामा के नए डबल लाइन पुल पर जल्द शुरू होगा ट्रेनों का परिचालन

Published on 16 सित॰ 2026

Bihar Train : बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल मोकामा डबल लाइन रेल ब्रिज पर जल्द ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकता है। गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाए गए इस नए रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे की तैयारियों को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर 2026 से इस नए रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकता है।

मोकामा में गंगा नदी पर बना यह नया रेल पुल पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किया गया है। पुराने पुल पर अभी सिंगल रेल लाइन से ट्रेनों का परिचालन होता है। ऐसे में ट्रेनों की बढ़ती संख्या और रेल यातायात के दबाव को देखते हुए डबल लाइन रेल ब्रिज की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए पुल के चालू होने के बाद इस रेलखंड की क्षमता बढ़ने के साथ ट्रेनों के परिचालन में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रहेगा मेगा ब्लॉक

नए रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए रेलवे की ओर से महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य किया जाना है। इसके लिए 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। नए डबल लाइन रेल पुल, सिग्नलिंग सिस्टम और अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक पैनल को आपस में जोड़ने का काम इसी अवधि में पूरा किया जाएगा।

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस दौरान कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है, जबकि कुछ के रूट में अस्थायी परिवर्तन किया गया है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के रूट और समय की जानकारी रेलवे से जांचने की सलाह दी गई है।

मोकामा-बरौनी और हावड़ा-दिल्ली मेन लाइन से जुड़ेगा पुल

नए रेल पुल को मोकामा-बरौनी रेलखंड के साथ-साथ हावड़ा-दिल्ली मेन लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे पूर्वी और उत्तरी बिहार के बीच रेल संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पुल के चालू होने के बाद इस महत्वपूर्ण रेल रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है।

रेलवे के अनुसार, नया रेल कनेक्शन अपर हथीदह, ताल जंक्शन, रामपुर दुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन जैसे स्टेशनों से जुड़ेगा। इससे इन इलाकों के यात्रियों को भी रेल परिचालन में बदलाव का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

1700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना

मोकामा डबल लाइन रेल ब्रिज परियोजना पर करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्य रेल पुल की लंबाई लगभग 1.86 किलोमीटर है। वहीं, कनेक्टिंग ट्रैक और अन्य निर्माण कार्यों को मिलाकर पूरी परियोजना की लंबाई करीब 14 किलोमीटर बताई गई है।

इस परियोजना का उद्देश्य केवल गंगा नदी पर एक नया पुल तैयार करना नहीं है, बल्कि पूरे रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना भी है। नया डबल लाइन ट्रैक शुरू होने के बाद पुराने सिंगल लाइन पुल पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। इससे ट्रेनों को आउटर पर लंबे समय तक रुकने की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

कई प्रमुख ट्रेनों के रूट में बदलाव

मेगा ब्लॉक के दौरान निर्माण और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से कई प्रमुख ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। इनमें दिल्ली-कामाख्या एक्सप्रेस, हावड़ा-प्रयागराज रामबाग विभूति एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृतसर-हावड़ा मेल समेत कई ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे की ओर से यात्रियों को पहले से सूचना दी जा रही है, ताकि मेगा ब्लॉक के दौरान उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।

उत्तर-दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नए पुल के चालू होने के बाद पटना, बेगूसराय, लखीसराय, समस्तीपुर, खगड़िया और सीमांचल क्षेत्र समेत उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल सफर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। खासकर व्यस्त हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग पर अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ सकती है।

अब रेलवे की नजर नॉन-इंटरलॉकिंग और सिग्नलिंग का काम पूरा करने पर है। अगर निर्धारित समय के अनुसार सभी तकनीकी कार्य पूरे हो जाते हैं, तो अक्टूबर में मोकामा के नए डबल लाइन रेल पुल पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।