लखनऊ में सोशल मीडिया पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी बनाकर BITS पिलानी में दाखिला दिलाने के नाम पर एक डॉक्टर से 46 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी यशराज बाजपेई दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी DTU में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है।
आरोपी यशराज को साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया (फाइल फोटो)
- Published: 30 Aug 2026, 07:21 PM IST
- Last Updated: 30 Aug 2026, 07:21 PM IST
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान BITS पिलानी में दाखिला दिलाने का झांसा देकर एक वरिष्ठ चिकित्सक से 46 लाख रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह फ्लाइट पकड़कर शहर से भागने की फिराक में था। पकड़ा गया 21 वर्षीय आरोपी यशराज बाजपेई दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी DTU में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र निकला है।
फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी बनाकर डॉक्टर से साधा संपर्क
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के अनुसार, आईआईएम रोड स्थित एल्डिको टाउन निवासी डॉ. किरन चौबे ने 20 अगस्त को साइबर क्राइम थाने में औपचारिक तहरीर दी थी। पीड़िता ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कुछ लोगों ने फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी के नाम से अकाउंट बना रखे थे। खुद को प्रतिष्ठित शैक्षणिक कंसल्टेंसी का वरिष्ठ प्रतिनिधि बताकर आरोपियों ने डॉक्टर से संपर्क किया और उनकी बेटी को BITS पिलानी में इंजीनियरिंग सीट दिलाने का पूरा भरोसा दिया।
कूटरचित दस्तावेज और फर्जी रसीदें भेजकर ऐंठे 46 लाख रुपये
आरोपियों ने भरोसा पक्का करने के लिए संस्थान के हूबहू दिखने वाले फर्जी एडमिशन लेटर, फीस रसीद और अन्य कूटचरित दस्तावेज तैयार कर पीड़िता को भेजे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, काउंसलिंग शुल्क और सीट कंफर्म कराने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए गए। इतना ही नहीं, सीट पक्की कराने के बहाने नकद रकम भी ली गई। इस तरह शातिरों ने डॉक्टर से ऑनलाइन और कैश मिलाकर कुल 46 लाख रुपये ऐंठ लिए।
फ्लाइट से भागने से पहले एयरपोर्ट पर दबोचा गया आरोपी
ठगी का अहसास होने पर जब शिकायत दर्ज कराई गई तो साइबर सेल ने तकनीकी सुरागों और बैंक खातों के जरिए जांच शुरू की। पुलिस को आरोपी यशराज बाजपेई के लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर निकलने की योजना का इनपुट मिला। टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे एयरपोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 40,225 रुपये नकद, एक एप्पल मैकबुक प्रो, 3 मोबाइल फोन, 5 डेबिट व एटीएम कार्ड और 2 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए गए।
पहचान छिपाकर ऑनलाइन गिरोह चला रहा था छात्र
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी कंसल्टेंसी प्रोफाइल बनाता था। उनका गिरोह देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में सीटें खाली होने का दावा कर अभिभावकों और छात्रों को अपने जाल में फंसाता था। रकम मिलने के बाद उसे तुरंत अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था ताकि जांच से बचा जा सके। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज कराने के साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी है।