BJP ने शुरू की 10 दिनों की 175KM की पदयात्रा, मुश्किल में क्यों डीके शिवकुमार?

Published on 1 सित॰ 2026

Sep 01, 2026 03:58 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु

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पार्टी इसे 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी कांग्रेस के खिलाफ एक लंबे अभियान के पहले चरण के तौर पर देख रही है। भाजपा के सहयोगी दल JDS ने इस पदयात्रा को प्रतीकात्मक समर्थन दिया है।

Karnataka BJP

कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र पार्टी नेताओं के साथ। (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कर्नाटक इकाई ने राज्य की डीके शिवकुमार की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ दस दिनों की पदयात्रा शुरू की है। आज (मंगलवार, 1 सितंबर, 2026 को) रायचूर जिले के लिंगसुगुर से शुरू हुई यह पदयात्रा 10 दिनों तक 175 किलोमीटर की दूरी कवर करेगी। 10 सितंबर को यह पदयात्रा बल्लारी में समाप्त होगी। पार्टी इसे 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी कांग्रेस के खिलाफ एक लंबे अभियान के पहले चरण के तौर पर देख रही है। भाजपा के सहयोगी दल JDS ने इस पदयात्रा को प्रतीकात्मक समर्थन दिया है।

दरअसल, यह मार्च शुरू में शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बनाने के लिए योजनाबद्ध गया था ताकि बी. नागेंद्र को महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले में उनकी कथित भूमिका के कारण कैबिनेट से हटाया जा सके। लेकिन बी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद, BJP ने अब इस अभियान का दायरा बढ़ा दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इस दस दिवसीय पदयाीत्रा के दौरान राज्य सरकार को निशाना बनाने के लिए कई मुद्दे उठाएगी।

भाजपा ने बदली रणनीति

अब भाजपा की नई योजना के मुताबिक उम्मीद है कि BJP वाल्मीकि निगम मामले में कथित तौर पर गबन किए गए 187 करोड़ रुपये की वसूली की मांग करेगी और SC/ST समुदायों के विकास के लिए बने SCSP/TSP फंड को 'पांच गारंटियों' (five guarantees) को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करने के आरोप भी उठाएगी। इसके अलावा, पार्टी 'गृह लक्ष्मी योजना' के तहत जारी 5,000 करोड़ रुपये के मामले में जवाबदेही की कथित कमी, सूखे की स्थिति से निपटने के सरकार के तरीके और KPSC के माध्यम से पशु चिकित्सा डॉक्टरों की भर्ती में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को भी उजागर कर सकती है।

डीके के सामने डबल संकट

BJP सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस आंदोलन को नागेंद्र या नायक समुदाय तक सीमित नहीं रखना चाहती, क्योंकि नागेंद्र के इस्तीफे के बाद ऐसा करना राजनीतिक रूप से नुकसानदेह हो सकता है और उनके प्रति सहानुभूति पैदा कर सकता है। इसके बजाय, BJP इस मुद्दे को ST समुदाय के कल्याण के लिए बने फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले के तौर पर पेश करना चाहती है। पूर्व मंत्री और ST नायक समुदाय के एक अन्य प्रमुख नेता बी. श्रीरामुलु के भी नागेंद्र और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने की उम्मीद है; वे आरोप लगाएंगे कि समुदाय के कल्याण के लिए बने फंड का गबन किया गया है। अगर भीजेपी की ये मुहिम रंग दिखाती है तो मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए यह दोहरा संकट पैदा कर सकता है। एक तरफ पार्टी के अंदर और सरकार के अंदर उनके खिलाफ विरोध बढ़ सकता है वहीं दूसरी तरफ राज्य में कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा हवा बना सकती है, जो 2028 के विधानसभा चुनावों में मुश्किलें पैदा कर सकती है।