
राहुल-प्रियंका पर सुधांशु त्रिवेदी ने साधा निशानाImage Credit source: PTI
एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार प्रदर्शन कर रहा है. बुधवार को राहुल, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत INDIA गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए गए, लेकिन दिल्ली पुलिस ने राहुल और प्रियंका को हिरासत में ले लिया. हालांकि बाद में दोनों को छोड़ भी दिया गया. इस बीच बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल-प्रियंका पर जमकर हमला बोला और कहा कि जो कुछ दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस के प्रथम परिवार ने किया है, वह निहायती दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है.
उन्होंने कहा कि इससे एक बात बहुत साफ हो गई है कि उनको संवैधानिकता से मतलब नहीं है, वो सिर्फ और सिर्फ अराजकता से मतलब रख रहे हैं और इसका प्रमाण यह है कि जब चुनाव आयोग उनसे मिलने के लिए तैयार था, तो मिलने को तैयार नहीं हुए और संविधान यह कहता है कि चुनाव आयुक्त, मुख्य न्यायाधीश या सीएजी को किसी प्रश्न के उत्तर के लिए संसद के पटल पर नहीं बुलाया जा सकता, मगर वो कह रहे हैं कि हमारे पार्टी के सांसदों के सामने आना चाहिए. इसका अर्थ यह है कि आपका संवैधानिक अधिकार नहीं, खानदानी अहंकार बोल रहा है.
सपा के साथ सीट बंटवारे पर साधा निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी से मैं कहना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी आपको 50 सीटें देने के लायक समझ रही है और 50 से ज्यादा घंटे आप इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर फुटेज खा चुके हैं यानी हकीकत यह है कि जितना आप इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर घंटे ले चुके हैं, उतनी आपको सीटें देने लायक आपका सहयोगी नहीं समझता है’.
बंगाल को लेकर भी राहुल पर हमला
उन्होंने आगे कहा, ‘जहां तक चुनावों की बात है, मैं याद दिलाना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी जी ने कहा था कि ‘देयर इज नो डेमोक्रेसी इन बंगाल’. ममता बनर्जी के शासनकाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्याएं हो रही हैं और आज यह वोट चोरी का आरोप लगाने वाले नाटकीय लोगों से मैं पूछना चाहता हूं, आप इतने निर्लज्ज थे कि अपने कार्यकर्ताओं की लाशों पर पैर रखकर उन्हीं ममता बनर्जी को दिल्ली में आप साथ में लेकर कहते थे ‘वी नीड ममता टू सेव द डेमोक्रेसी’. आप वहां सही थे या यहां सही?’.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, ‘वास्तविकता में आप संवैधानिकता में नहीं, अराजकता में विश्वास करना चाहते हैं. संवैधानिक अधिकार नहीं आपका खानदानी अहंकार है और अब यह बात स्पष्ट हो गई है कि दिमागी नक्सल कांग्रेस जो जनाधार विहीन हो चुकी है, उसके लिए केवल मीडिया में आकर्षण पाना और उसके लिए अराजकता को अपनाना ही एकमात्र मार्ग रह गया है. यह कांग्रेस के प्रथम परिवार ने अपने आचरण से सिद्ध कर दिया’.
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Amod Rai
21 सालों से राजनीतिक, सामाजिक और पॉलिसी संबंधित विषयों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव। लगातार 2 दशक से बीजेपी, संघ परिवार, संसद और केंद्र सरकार की खबरों पर विशेष निगाह
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