विधानसभा चुनावों से पहले BJP का कल महामंथन, UGC-UPI-SIR पर बनेगी रणनीति

Published on 28 सित॰ 2026

विधानसभा चुनावों से पहले BJP का कल महामंथन, UGC-UPI-SIR पर बनेगी रणनीति

नितिन नवीन, भाजपा, यूजीसी और एसआईआर.

बीजेपी मुख्यालय विस्तार में मंगलवार को बड़ी बैठक होगी. नितिन नवीन की अध्यक्षता में बीजेपी के सभी 65 प्रदेश प्रभारी-सहप्रभारी जुटेंगे. चुनावी तैयारियों के साथ-साथ UGC, UPI और SIR जैसे मौजूदा चुनौतियों पर भी मंथन होगा यानी चुनावी मैदान के साथ आगे नैरेटिव की लड़ाई की भी तैयारी की जाएगी. मंगलवार की बैठक में चुनावी राज्यों के साथ उन मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जो आगामी चुनाव से पहले चुनौती बन सकते हैं. पहला मुद्दा UGC का है. उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने वाले नए नियमों पर विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.

अब सरकार इन नियमों पर पुनर्विचार कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक चुनाव से पहले सरकार इस पर बड़ा फैसला ले सकती है यानी नियमों के साथ नाराजगी के गणित पर भी नजर रहेगी. बैठक में चर्चा बात UPI पर भी होगी.

यूपीआई और एमडीआर पर होगी बात

MDR को लेकर उठे सवालों के बीच बीजेपी संगठन के जरिए ये बताने की तैयारी है कि आम लोगों का P2P UPI भुगतान फ्री है. नए नियमों में चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट भुगतान पर MDR का प्रावधान है, लेकिन सरकार के मुताबिक इसका बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा. यूपीआई के मुद्दे पर जनता के सामने बीजेपी की ओर से यह कहा जाएगा कि इसका आम लोगों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा.

तीसरा और सबसे संवेदनशील मुद्दा है SIR और चुनाव आयोग

विपक्ष के सवालों के बीच चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि SIR का मूल आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था यानी बीजेपी का फोकस—विपक्ष के सवालों का जवाब संगठन के जरिए जमीन तक पहुंचाना.

इन तीनों मुद्दों का कनेक्शन सीधे चुनावी कैलेंडर से है. 2027 में यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल और गुजरात में चुनाव हैं यानी बीजेपी के सामने चुनावी तैयारी के साथ UGC, NEET, UPI और SIR पर नैरेटिव से निपटने की भी है, जिसको लेकर पार्टी लगातार चिन्तन मंथन कर रही है। साथ ही पीएम के 25 वर्ष पर चल सेवा संकल्प अभियान को लेकर बैठक में चर्चा होगी.

ये भी पढ़ें- UPI Explained: क्या कैश इकोनॉमी पर आना चाहती है सरकार, 2000 से ऊपर के पेमेंट पर यहां है हर सवाल का जवाब

Amod Rai

Amod Rai

21 सालों से राजनीतिक, सामाजिक और पॉलिसी संबंधित विषयों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव। लगातार 2 दशक से बीजेपी, संघ परिवार, संसद और केंद्र सरकार की खबरों पर विशेष निगाह

Read More

google button