मधेपुरा स्थित बीएन मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) ने सत्र 2026-27 के लिए अपने खेल एवं सांस्कृतिक कैलेंडर में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने पहली बार हैंडबॉल को खेल कैलेंडर में शामिल किया है।
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इसके साथ ही 15 अंतर महाविद्यालय खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रतियोगिताओं के पुनर्गठन से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और विश्वविद्यालय की टीमें अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में अधिक प्रभावी प्रदर्शन कर सकेंगी।
इस संबंध में निर्णय कुलपति प्रो. बीएस झा की अध्यक्षता में आयोजित क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की वार्षिक बैठक में लिया गया। बैठक में परिषद के वार्षिक कैलेंडर, बजट और प्रशासनिक विषयों से जुड़े कुल 14 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
23 जुलाई से शतरंज प्रतियोगिता के साथ होगी शुरुआत
सत्र की पहली अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता 23 जुलाई से पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का औपचारिक आगाज हो जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बार प्रतियोगिताओं का कैलेंडर पहले से तैयार कर लिया गया है, ताकि सभी महाविद्यालय समय पर तैयारी कर सकें और खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास का अवसर मिल सके।
15 प्रतियोगिताओं को मिली मंजूरी
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद ने प्रस्तावित 20 कार्यक्रमों में से 15 अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के आयोजन को स्वीकृति दी है। इनमें शतरंज, मार्शल आर्ट, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, विजुअल आर्ट्स, फुटबॉल, लिटरेरी इवेंट, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, डांस एंड म्यूजिक, क्रिकेट, थिएट्रिक्स, खो-खो और पहली बार शामिल किया गया हैंडबॉल शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के खेल कैलेंडर में हैंडबॉल को शामिल किए जाने को छात्रों के लिए नई उपलब्धि माना जा रहा है। इससे इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर तैयारी हो सकेगी।

परीक्षा और खेल कार्यक्रम में रहेगा बेहतर तालमेल
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खेल एवं सांस्कृतिक परिषद का वार्षिक कैलेंडर परीक्षा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कई बार परीक्षा और खेल प्रतियोगिताओं की तिथियां एक-दूसरे से टकरा जाती हैं, जिससे खिलाड़ियों को कठिनाई होती है। नए कैलेंडर के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खिलाड़ी बिना परीक्षा प्रभावित हुए प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें।
शिक्षकों और कर्मियों के लिए भी होंगे मैत्री मुकाबले
बैठक में केवल छात्र गतिविधियों पर ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के बीच मैत्री खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस तरह के आयोजन से कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और सौहार्द का वातावरण बनेगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ेगा।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की बैठक में अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. उमाशंकर चौधरी, कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नरेश कुमार, वित्तीय परामर्शी चतुर किस्कू, वित्त पदाधिकारी कृष्ण कुमार सहित परिषद के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बैठक का संचालन क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद के निदेशक प्रो. मो. अबुल फजल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए खेल कैलेंडर और प्रतियोगिताओं के पुनर्गठन से छात्रों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच मिलेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय की टीमें अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में अधिक संगठित तैयारी के साथ भाग लेंगी, जिससे संस्थान की खेल उपलब्धियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।