CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में सामान्य से 24 फीसदी कम हुई बारिश, सरगुजा-बस्तर में हल्की बरसात, दुर्ग सबसे गर्म रहा

Published on 12 जुल॰ 2026

CG Weather Update:छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में व्यापक बारिश नहीं हुई। सरगुजा संभाग के अधिकांश स्थानों और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में बारिश का असर बेहद सीमित रहा। 

लगातार कमजोर बारिश का असर अब मौसमी आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक इस सीजन में अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

बारिश की कमी के कारण कई जिलों में खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश का वितरण असमान रहा, जिसके कारण अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज नहीं हो सकी।

दुर्ग सबसे गर्म, पेंड्रा रोड रहा सबसे ठंडा

बारिश कम होने का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। राजधानी रायपुर के लालपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री और माना एयरपोर्ट में 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और जगदलपुर में 31.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अंबिकापुर में हल्की बारिश होने के कारण तापमान अन्य शहरों की तुलना में कम रहा। तापमान और नमी के बढ़ते स्तर के कारण दिनभर उमस बनी रही, जिससे लोगों को गर्मी का अधिक एहसास हुआ।

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सक्रिय मौसमी सिस्टम के बावजूद नहीं मिली राहत

मौसम विभाग के अनुसार देश के उत्तरी हिस्से में मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर होते हुए दक्षिण असम तक फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व बिहार के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हवाओं में भी एक द्रोणिका बनी हुई है।

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आमतौर पर ऐसे मौसमी सिस्टम बारिश के लिए अनुकूल माने जाते हैं, लेकिन इनका प्रभाव छत्तीसगढ़ में सीमित ही देखने को मिला। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं हो सकी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में बादल तो बने रहे, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में वे पर्याप्त वर्षा नहीं करा सके, जिसके कारण बारिश का दायरा सीमित रहा।

अंबिकापुर में सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान अंबिकापुर प्रदेश का सबसे अधिक बारिश दर्ज करने वाला प्रमुख केंद्र रहा। यहां सुबह तक 2.9 मिलीमीटर और शाम तक 1.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, पेंड्रा रोड, जगदलपुर और राजनांदगांव सहित अधिकांश प्रमुख मौसम केंद्रों में बारिश दर्ज नहीं हुई। यही वजह है कि प्रदेश की मौसमी वर्षा सामान्य से काफी पीछे चल रही है।

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बारिश का असमान वितरण किसानों की चिंता भी बढ़ा रहा है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए लगातार और संतुलित वर्षा की जरूरत होती है। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं और मौसम विभाग के ताजा आंकड़े भी यही बता रहे हैं कि बीते 24 घंटों में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया।

मौसमी आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून कमजोर स्थिति में बना हुआ है, जिसका असर बारिश के आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य से 24 प्रतिशत कम मौसमी वर्षा यह संकेत दे रही है कि प्रदेश को अभी अच्छी बारिश का इंतजार है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि मानसून की गतिविधियां तेज होती हैं तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। फिलहाल बीते 24 घंटों के आंकड़े यही बताते हैं कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सीमित रही, जबकि कुछ इलाकों में हल्की फुहारें ही दर्ज हुईं। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों की नजर अब मानसून की अगली सक्रियता पर टिकी हुई है।

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