Published: Sunday, August 9, 2026, 20:09 [IST]
Bihar Education Reform: बिहार में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के कई हिस्सों में परीक्षा व्यवस्था को लेकर हुए आंदोलनों और झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बीच बिहार सरकार ने शिक्षा और परीक्षा सुधार के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लेकर परीक्षा में पारदर्शिता, AI के इस्तेमाल और छात्र कल्याण तक के लिए विशेष समितियां और व्यवस्थाएं बनाने का फैसला किया है।
आंदोलन के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला
परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के बीच बढ़ते असंतोष के बीच बिहार सरकार का यह ऐलान काफी अहम माना जा रहा है। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्र सड़कों पर हैं, वहीं देश में भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई बार आंदोलन हो चुके हैं। ऐसे माहौल में बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों की शिकायतों पर ध्यान देने के लिए कई स्तरों पर सुधार की घोषणा की है।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बनेगी विशेष समिति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति का उद्देश्य स्कूलों को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार सुनिश्चित करना होगा। सरकार का दावा है कि इस पहल के जरिए शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
परीक्षा व्यवस्था में AI और तकनीक का होगा इस्तेमाल
बिहार सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए भी राज्य स्तरीय समिति बनाने का फैसला किया है। यह समिति बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा आधारित मूल्यांकन को बेहतर बनाने के सुझाव देगी। इसमें तकनीक और AI के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक इससे परीक्षाओं को ज्यादा सुचारु, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा और छात्रों के ज्ञान, समझ तथा विश्लेषण क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
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छात्रों से सीधे संवाद करेगी सरकार
शिक्षा सुधार के तहत बिहार में विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक छात्रों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान छात्रों की समस्याओं और उनके सुझावों को सुना जाएगा। सरकार का मानना है कि छात्रों से सीधे फीडबैक लेने से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जमीनी समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलेगी।
छात्र कल्याण के लिए बनेगा अलग निदेशालय
बिहार सरकार ने छात्र कल्याण से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय गठित करने का फैसला किया है। इसका मकसद छात्र कल्याण से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। सरकार का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए इन सुधारों को लागू किया जाएगा।