CM Yogi: उत्तर प्रदेश के वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए अब स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर और ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. प्रदेश के सभी 75 वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की व्यवस्था की जा रही है. इसके तहत डॉक्टरों की टीम हर सप्ताह वृद्धाश्रमों में पहुंचकर बुजुर्गों की सेहत की जांच करेगी. इस दौरान बीपी, शुगर, आंखों और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाएगी. जरूरत पड़ने पर बुजुर्गों को जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ बुजुर्गों को रहने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, दैनिक जरूरतों और सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रखना है. समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धाश्रमों की सुविधाओं और वहां रहने वाले बुजुर्गों की जरूरतों की लगातार निगरानी की जा रही है.
हर सप्ताह आश्रम पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम
उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य जांच की जरूरत होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को वृद्धाश्रमों में साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों की जांच करेंगे.
जांच में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, आंखों और सामान्य स्वास्थ्य को शामिल किया गया है. किसी बुजुर्ग को इलाज या दवा की जरूरत होने पर उसे आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी. इससे छोटी स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान करने और जरूरत के मुताबिक इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है.
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टीवी और लाइब्रेरी से लेकर योग-ध्यान तक
वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की दिनचर्या को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. आश्रमों में स्वच्छ पेयजल के साथ मनोरंजन के लिए टीवी और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. इसके अलावा बुजुर्गों को सक्रिय और सकारात्मक दिनचर्या से जोड़ने के लिए योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं. इसका मकसद बुजुर्गों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां उन्हें रहने, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों के साथ सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी बेहतर वातावरण मिल सके.
6,607 बुजुर्गों को मिल रहा आश्रय
समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में फिलहाल 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं. इन आश्रमों में बुजुर्गों को आश्रय के साथ विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. इनमें 4,901 पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है. वहीं 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं. इससे पात्र बुजुर्गों को आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
दो वित्तीय वर्षों में 1,073 नए बुजुर्ग योजनाओं से जुड़े
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 1,073 नए बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है. विभाग का जोर इस बात पर है कि पात्र बुजुर्गों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए. वृद्धाश्रमों में सुविधाओं को बेहतर करने की यह व्यवस्था राज्य के सभी 75 जिलों तक फैली हुई है. उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक जिला पोर्टल के मुताबिक, प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 150 संवासियों की क्षमता वाले वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं.
लक्ष्य सिर्फ आश्रय नहीं, बेहतर जीवन
वृद्धाश्रमों को लेकर अब फोकस केवल रहने की जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा जा रहा है. स्वास्थ्य जांच, जरूरी दवाएं, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ पेयजल, मनोरंजन, पुस्तकालय, योग और ध्यान जैसी सुविधाओं के जरिए बुजुर्गों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग से परेशानी न उठानी पड़े और उन्हें एक ही जगह पर जरूरी सहायता मिल सके. साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने से बुजुर्गों की आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है.
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