बलरामपुर में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के दावों के बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तुलसीपुर में रविवार दोपहर 3 बजे औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।
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निरीक्षण के दौरान 7 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिसके बाद CMO ने सभी की अनुपस्थिति अवधि का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
CMO के औचक निरीक्षण के दौरान सुदेश, सुनीता देवी, एएनएम पवन कुमार, एसटीएलएस मनोज कुमार, एसटीएस अमरेंद्र सिंह, बीसीपीएम प्रीतम गुप्ता, एमसीटीएस ऑपरेटर और लाल बाबू मौर्य ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तुलसीपुर का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ।
कर्मचारियों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए CMO ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तैनाती के साथ जिम्मेदारी निभाना भी अनिवार्य है। ड्यूटी से गायब रहने और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही पर विभागीय स्तर पर सख्ती की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई कक्षों की परखीं व्यव्थाएं।

मरीजों से फीडबैक लेते मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी।

निरीक्षण के दौरान 7 कर्मचारी ड्यूटी से मिले गायब।
सीएमओ ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर उपलब्ध व्यवस्थाओं की पड़ताल की। पैथोलॉजी, इमरजेंसी कक्ष, प्रसव कक्ष (लेबर रूम) और दवा वितरण कक्ष में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की आवश्यक जांच, दवाओं की उपलब्धता और समय पर उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए।

मरीजों से उपचार संबंधी जानकारी लेते मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी।
अस्पताल भवन और परिसर का जायजा लेते हुए डॉ. रस्तोगी ने साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार को निर्देशित किया कि सभी वार्डों, मरीजों के प्रतीक्षालय और परिसर में नियमित सफाई कराई जाए, ताकि मरीजों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

अस्पताल में मौजूद रजिस्टर की जांच करते मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी।
सीएमओ ने दो टूक कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग की प्राथमिकता है। चिकित्सकों और कर्मचारियों को समयबद्ध उपस्थिति के साथ पूरी जिम्मेदारी से काम करना होगा। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।