कमर और घुटने का दर्द होना आजकल बहुत ही आम बात होग या है. बुजुर्गों से लेकर नौजवानों तक, हर उम्र के लोगों में ये दिक्कत तेजी से बढ़ रही है. इसी परेशानी को कम करने के लिए क्यूरापॉड नाम का एक प्रोडक्ट बनाया गया हैं.
कंपनी का दावा है कि ये बिना किसी दवाई के दर्द में राहत देने में मदद करता है. हालांकि, इसे इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है. मैंने इस डिवाइस को लगभग 2 महीने तक इस्तेमाल किया है. आइए जानते हैं इसका रिव्यू.
क्यूरापॉड क्या है और कैसे काम करता है?
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क्यूरापॉड एक पोर्टेबल डिवाइस है, जिसकी मदद से बिना दवाई के दर्द में राहत मिल सकती है. ये रेड लाइट थेरेपी टेक्नोलॉजी पर काम करता है. रेड लाइट थेरेपी एक ऐसी तकनीक है जिसमें खास लाल और नियर-इन्फ्रारेड लाइट का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इसे आप दर्द की दवा का या किसी भी दवा या ट्रीटमेंट का विकल्प कभी ना समझें.
यह लाइट स्किन के अंदर जाकर शरीर की सेल्स को ज्यादा एनर्जी बनाने में मदद करती है, जिससे शरीर टिश्यू को रिपेयर करने, सूजन कम करने और मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द में राहत देने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है और यह किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं है.
जानिए बॉक्स में क्या-क्या मिलता है
मैं क्यूरापॉड्स को पिछले 2 महीने से इस्तेमाल कर रहा हूं. अब जानते हैं कि बॉक्स में क्या मिलता है. बॉक्स के अंदर आपको 2 Curapods, स्ट्रैप, स्टिकर और 2-इन-1 चार्जर मिलता है.
इसकी मदद से दोनों क्यूरापॉड को एक साथ चार्ज किया जा सकता है. हालांकि, चार्जर की क्वालिटी और बेहतर हो सकती थी, ताकि वह प्लग में अच्छे से फिट हो और चार्जिंग के दौरान कोई दिक्कत न आए.
साथ ही डबल साइडेड टेप भी दिया जाता है, जहां स्ट्रैप नहीं लगाया जा सकता, जैसे गर्दन पर. वहां इस टेप की मदद से आप क्यूरापॉड्स की थेरेपी ले सकते हैं.
इसके साथ दो अलग-अलग साइज के स्ट्रैप मिलते हैं, एक छोटा और एक बड़ा. इनकी मदद से डिवाइस को शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर आसानी से लगाया जा सकता है.
जानिए इसके ऐप के बारे में और सेटअप कैसे किया जाता है
क्यूरापॉड्स की सबसे अच्छी बात इसका ऐप है. इसे आप प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. ऐप का सेटअप करना काफी आसान है.
डाउनलोड करने के बाद आपको अपना अकाउंट बनाना होता है. इसके बाद दर्द वाली जगह और अपने सेशन से जुड़ी कुछ जानकारी भरनी होती है. फिर ऐप के इंटरफेस में शरीर के अलग-अलग दर्द वाले पॉइंट्स दिखाई देते हैं.
आपके जिस हिस्से में दर्द है, उसे सिलेक्ट करें. इसके बाद दोनों क्यूरापॉड को ऑन करके ब्लूटूथ की मदद से ऐप से कनेक्ट कर लें. फिर सेशन शुरू हो जाएगा. ऐप में बताए गए तरीके से डिवाइस को सही जगह पर लगाना होता है.
जानिए इसका लॉन्ग टर्म रिव्यू
क्यूरापॉड्स को इस्तेमाल करते समय मैंने दर्द वाली जगह पर लगातार इसके सेशन लिए. मेरे एक्सपीरियंस में इससे दर्द में कुछ हद तक राहत मिली. लेकिन जितनी उम्मीद थी उतनी नहीं. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है.
अगर दर्द लंबे समय से है या बहुत ज्यादा है, तो किसी भी डिवाइस का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
इस डिवाइस को इस्तेमाल करना बहुत आसान है. इसके साथ मिलने वाले डबल साइडेड टेप की मदद से आप इसे आसानी से शरीर के दर्द वाली जगह पर लगा सकते हैं. टेप अच्छी तरह चिपक जाता है, जिससे डिवाइस आसानी से गिरता भी नहीं है.
इसका सेशन लेना क्यूरापॉड्स के ऐप की मदद से और भी आसान हो जाता है. ऐप में बताया जाता है कि डिवाइस को कहां और कैसे लगाना है. साथ ही, आपके लिए सही सेशन भी सेट हो जाता है, ताकि दर्द वाली जगह पर समय-समय पर रेड लाइट थेरेपी मिल सके और दर्द कम करने में मदद मिले.
करीब 2 महीने तक इस्तेमाल करने के बाद मेरा एक्सपीरियंस अच्छा रहा. इससे दर्द वाली जगह पर काफी राहत महसूस हुई और पेन पॉइंट्स पर आराम का एहसास मिला.
Reviewed By: प्रियांशु मिश्रा
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