Published: Friday, October 2, 2026, 18:23 [IST]
UP DElEd Admission 2026: उत्तर प्रदेश में प्राइमरी टीचर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए डीएलएड एडमिशन से जुड़ा अहम अपडेट आया है। दो चरण पूरे होने के बाद भी हजारों नहीं बल्कि एक लाख से ज्यादा सीटों पर कोई छात्र नहीं पहुंचा है। हालात ऐसे हैं कि डायट से लेकर निजी और अल्पसंख्यक कॉलेजों तक बड़ी संख्या में सीटें खाली पड़ी हैं। अब इन्हें भरने के लिए एडमिशन विंडो एक बार फिर खोली जा रही है।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने अभ्यर्थियों और निजी संस्थानों के अनुरोध पर डीएलएड प्रशिक्षण 2026 में प्रवेश का एक अंतिम मौका देने का फैसला किया है। तीसरे चरण में मेरिट क्रमांक 1 से 1,52,202 तक के अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे। उन्हें अपनी पसंद का प्रशिक्षण संस्थान चुनने के लिए केवल तीन दिन का समय मिलेगा।
5 अक्टूबर से चुनें पसंद का कॉलेज
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव राजेन्द्र प्रताप के अनुसार, तीसरे चरण में मेरिट के आधार पर प्रशिक्षण संस्थानों का आवंटन किया जाएगा। मेरिट क्रमांक 1 से 1,52,202 तक के सभी पात्र अभ्यर्थी 5 अक्टूबर की दोपहर से ऑनलाइन कॉलेज विकल्प भर सकेंगे। इसके लिए 7 अक्टूबर शाम 6 बजे तक का समय दिया गया है। अभ्यर्थियों को तय समय के अंदर अपनी पसंद के संस्थानों का विकल्प भरना होगा।
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8 अक्टूबर को पता चलेगा कौन सा कॉलेज मिला
ऑनलाइन विकल्प भरने के बाद ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। प्रशिक्षण संस्थान का आवंटन 8 अक्टूबर को जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को संस्थान मिलेगा, उन्हें 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर शाम 5 बजे तक संबंधित कॉलेज में पहुंचकर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस दौरान जरूरी दस्तावेजों की जांच भी की जाएगी। प्रशिक्षण संस्थान की ओर से प्रवेश लेने वाले छात्रों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग और लॉक करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर है।
2.39 लाख सीटों में कितनी भरीं?
उत्तर प्रदेश में डीएलएड की कुल 2,39,500 सीटें हैं। इनमें प्रदेश के 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों यानी डायट में 10,600 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं 3,304 निजी और अल्पसंख्यक कॉलेजों में कुल 2,28,900 सीटें हैं। पहले दो चरणों की एडमिशन प्रक्रिया के बावजूद केवल 1,00,918 सीटें ही भर पाई हैं। इनमें निजी कॉलेजों में 93,339 और डायट में 7,579 एडमिशन हुए हैं। इस हिसाब से कुल 1,38,582 सीटें अभी खाली हैं।
पिछले साल भी नहीं भर पाई थीं सीटें
डीएलएड कॉलेजों में सीटें खाली रहना इस साल की ही समस्या नहीं है। पिछले साल भी तस्वीर लगभग ऐसी ही थी। डीएलएड 2025 में 2.39 लाख से ज्यादा सीटों के मुकाबले केवल 95,817 सीटें भर सकी थीं। इनमें 10,309 अल्पसंख्यक सीटें शामिल थीं। यानी कुल सीटों के करीब 40 प्रतिशत पर ही एडमिशन हुआ था और एक लाख से ज्यादा सीटें खाली रह गई थीं।
दूसरे राज्यों के छात्रों से भी नहीं भरी सीटें
खाली सीटों को भरने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल से दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए भी डीएलएड में प्रवेश का रास्ता खोल दिया था। उम्मीद थी कि बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों के युवा उत्तर प्रदेश के डीएलएड कॉलेजों में एडमिशन लेंगे। इसके बावजूद दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने भी उम्मीद के मुताबिक रुचि नहीं दिखाई।
कौन ले सकता है DElEd में एडमिशन?
डीएलएड में प्रवेश के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एससी और एसटी वर्ग के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।
उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 साल और अधिकतम 35 साल होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।
DElEd के बाद कहां बन सकते हैं टीचर?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्राइमरी स्तर पर शिक्षक बनने के लिए डीएलएड जैसी मान्य प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता अहम है। डीएलएड उम्मीदवार कक्षा 1 से 5 तक की शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता हासिल कर सकते हैं। हालांकि डीएलएड पूरा करने भर से सरकारी शिक्षक की नौकरी नहीं मिलती। शिक्षक भर्ती के समय उम्मीदवार को टीईटी समेत उस भर्ती के लिए तय दूसरे नियम और योग्यताएं भी पूरी करनी होती हैं।
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