Delhi New Sub Registrar Offices: दिल्ली सरकार ने प्रॉपर्टी पंजीकरण के लिए 17 नए सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को खोला है, ताकि लोगों को लंबी लाइनों में लगकर घंटों इंतजार ना करना पड़े।
दिल्ली में नए सब-रजिस्ट्रार ऑफिस खुले।
- Published: 05 Sep 2026, 05:03 PM IST
- Last Updated: 05 Sep 2026, 05:04 PM IST
Delhi New Sub Registrar Offices: दिल्ली में प्रॉपर्टी पंजीकरण के लिए सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों में लगने वाली लंबी लाइन जल्द खत्म होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या 22 से बढ़ाकर 39 कर दी है। इसके अलावा कार्यालयों के क्षेत्राधिकार में भी बदलाव किया गया है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद अब राजधानी के सभी 13 जिलों में 39 SDM के साथ 39 सब-रजिस्ट्रार को तैनात किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर सभी 39 कार्यालयों में सब-रजिस्ट्रार की नियुक्ति भी पूरी कर ली गई है। सरकार ने संभावना जताई है कि नए ऑफिस शुरू होने से मौजूदा सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों पर काम का बोझ करीब 30 से 40 फीसदी तक कम होगा।
जिले के अनुसार सब-रजिस्ट्रार ऑफिस
- जिला उप-मंडल (सब-रजिस्ट्रार)
- दक्षिण-पूर्व जंगपुरा, कालकाजी, बदरपुर
- पुरानी दिल्ली सदर बाजार, चांदनी चौक
- उत्तर बुराड़ी, आदर्श नगर, बादली
- नई दिल्ली दिल्ली कैंट, नई दिल्ली
- सेंट्रल पटेल नगर, करोल बाग
- मध्य-उत्तर शकूर बस्ती, शालीमार बाग, मॉडल टाउन
- दक्षिण-पश्चिम नजफगढ़, मटियाला, द्वारका, बिजवासन
- बाहरी-उत्तर मुंडका, नरेला, बवाना
- उत्तर-पश्चिम किराड़ी, नांगलोई जाट, रोहिणी
- उत्तर-पूर्व करावल नगर, गोकुलपुर, यमुना विहार, शाहदरा
- पूर्व गांधी नगर, विश्वास नगर, पटपड़गंज
- दक्षिण छतरपुर, मालवीय नगर, देवली, महरौली
- पश्चिम विकासपुरी, जनकपुरी, राजौरी गार्डन
पहले 22 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस
ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली में पहले 22 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस थे, नए जिलों के गठन के बाद सब-डिवीजनों को भी फिर से बनाया गया। जिसके तहत राजधानी के 13 जिलों में कुल 39 SDM क्षेत्र बनाए गए हैं। इन्हीं क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने हर SDM क्षेत्र में एक सब-रजिस्ट्रार तैनात करने का प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा था।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को सभी 39 सब-रजिस्ट्रारों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए। इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा सब-रजिस्ट्रार पद पर ही बनाए रखा गया, जबकि दूसरे अधिकारियों को मौजूदा कार्यभार से स्थानांतरित कर सब-रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ने के बाद अब संपत्ति पंजीकरण के लिए नए अपॉइंटमेंट जुड़े नए कार्यालय एरिया के अनुसार ही दिए जाएंगे। हालांकि, जिन लोगों ने पहले से अपॉइंटमेंट ले रखा है, उनका काम उसी तय कार्यालय में ही पूरा किया जाएगा।
दिल्ली सरकार की ओर से सब-रजिस्ट्रार के 39 पद अधिसूचित किए जाने के बाद अब सभी 13 राजस्व जिलों के 39 सब-डिवीजनों में इन पदों को भर दिया गया है। इससे सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का कामकाज अधिक व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। ये कार्यालय आम लोगों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व और संपत्ति पंजीकरण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
यादृच्छिक चुनाव क्रिया अपनाई गई
दिल्ली सरकार ने पहली बार सब-रजिस्ट्रारों की तैनाती के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित यादृच्छिक चुनाव क्रिया (रेंडमाइजेशन) अपनाई है। इसका उद्देश्य अधिकारियों की तैनाती को पारदर्शी, निष्पक्ष और स्पष्ट प्रक्रिया के तहत पूरा करना है।
इस प्रक्रिया के तहत तय मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों का एक समूह तैयार किया गया। इसके बाद तकनीक की मदद से इसी समूह में से सब-रजिस्ट्रारों का चयन किया गया। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से तैनाती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।