Delhi Riots 2020: दिल्ली दंगा मामले में शरजील इमाम को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है।
दिल्ली दंगा मामले में शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत।
- Published: 17 Jul 2026, 04:17 PM IST
- Last Updated: 17 Jul 2026, 04:17 PM IST
Delhi Riots 2020: दिल्ली हाईकोर्ट ने आज 17 जुलाई शुक्रवार को फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश मामले में आरोपी छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। अदालत ने पुलिस को 2सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय की है।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ शरजील इमाम की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 4 जुलाई को ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
शरजील इमाम की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनकी गिरफ्तारी को लगभग 6 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक मामले में आरोप तय नहीं किए गए हैं। याचिका में कहा गया कि ट्रायल कोर्ट को उनकी नियमित जमानत अर्जी पर स्वतंत्र रूप से विचार करना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
वहीं, ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसी मामले में शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। ऐसे में उसके पास इस अर्जी पर सुनवाई करने या राहत देने का अधिकार नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना था
2020 में शरजील इमाम को किया था गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शरजील इमाम को 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश के प्रमुख आरोपियों में शामिल होने का आरोप है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी।
किन आरोपियों को मिली जमानत ?
बता दें कि इस साल 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हालांकि, इसी मामले में सह-आरोपी गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि शरजील इमाम और उमर खालिद के खिलाफ यूएपीए के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है तथा सभी आरोपियों की भूमिका समान नहीं मानी जा सकती।