पूर्व DIG भुल्लर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: गवाहों की गवाही के बाद जमानत पर विचार होगा, 8 लाख रुपए मांगने का आरोप - Chandigarh News

Published on 15 सित॰ 2026

भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत देने के मामले में सख्त रुख

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CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच भुल्लर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया था।

भुल्लर ने पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में नियमित जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मंगलवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल जमानत देने के बजाय मामले में कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने का इंतजार करने का संकेत दिया। इसी के साथ सुनवाई 4 सप्ताह के लिए टाल दी गई।

गवाहों की गवाही के बाद जमानत पर विचार होगा

सुनवाई के दौरान भुल्लर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि मामले में शिकायतकर्ता और एक महत्वपूर्ण गवाह का अभी बयान दर्ज नहीं हुआ है। वकील ने दो शैडो विटनेस यानी ऐसे गवाहों की गवाही कराने की भी अनुमति मांगी, जिन्हें जांच के दौरान कार्रवाई के लिए साथ रखा गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह कुछ गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद जमानत याचिका पर आगे विचार करेगा। कोर्ट ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी है। अब मामला चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध होगा।

8 लाख रुपए मांगने का आरोप

सीबीआई के मुताबिक, यह मामला 16 अक्टूबर 2025 को दर्ज FIR से जुड़ा है। FIR भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7-A के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता आकाश बट्टा ने 11 अक्टूबर 2025 को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उस समय रोपड़ रेंज के DIG रहे H.S. भुल्लर ने कृष्णानु नाम के व्यक्ति के जरिए रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके कारोबार से जुड़े एक मामले में पुलिस की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं करने और उसके पक्ष में मदद करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। यह मामला सरहिंद थाने में दर्ज FIR से जुड़ा था।

चंडीगढ़ में 5 लाख लेते पकड़ा गया कृष्णानु

सीबीआई के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की गोपनीय तरीके से जांच की गई। इस दौरान कृष्णानु और भुल्लर के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई। सीबीआई का दावा है कि रिकॉर्ड की गई एक बातचीत में भुल्लर ने कृष्णानु को शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपए लेने के लिए कहा था। इसके बाद सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की और रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।

सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ में ट्रैप लगाया गया। इस दौरान कृष्णानु को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद उसी दिन H.S. भुल्लर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। भुल्लर तब से न्यायिक हिरासत में हैं। CBI की ओर से मामले में चालान रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है।