Updated On: Aug 05, 2026 | 06:15 PM IST
विज्ञापन
सार
Severe Diplomatic Dispute: ब्राजील-अर्जेंटीना के बीच का राजनयिक विवाद बहुत अधिक गहरा गया है। ब्यूनस आयर्स से राजदूत वापस बुलाने के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुके हैं।

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और ब्राजील राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Diplomatic Dispute Brazil Recalls Ambassador: दक्षिण अमेरिका के पड़ोसी देश ब्राजील और अर्जेंटीना के बीच कूटनीतिक विवाद काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों की प्रतिद्वंद्विता अब खेल के मैदान से बाहर निकलकर राजनीति के अखाड़े में आ चुकी है। ब्राजील ने इस तनातनी के बीच अर्जेंटीना में अपने कूटनीतिक स्टाफ की संख्या में भारी कटौती करने की घोषणा की है।
दोनों देशों के बीच यह अभूतपूर्व राजनयिक विवाद तब भड़का जब अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने लूला दा सिल्वा को ‘चोर’ कहा। माइली ने ब्राजील के चीफ जस्टिस अलेक्जेंडर डी मोरेस को भी ‘कचरा’ कह दिया, जिससे नाराज होकर ब्राजील ने ब्यूनस आयर्स से अपने राजदूत को वापस बुलाने का कड़ा फैसला लिया था।
विवाद की मुख्य वजहें
दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध दिसंबर 2023 से ही काफी तनावपूर्ण रहे हैं। हाल ही में माइली ने रविवार से अब तक राष्ट्रपति लूला को तीन बार चोर कहा है। इससे पहले उन्होंने 25 जुलाई को सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो की पार्टी के सम्मेलन में भी ऐसी अपमानजनक भाषा का खुलकर इस्तेमाल किया था।
सम्बंधित ख़बरें
फ्लावियो बोल्सोनारो असल में ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं, जो अक्टूबर में होने वाले चुनावों में लूला के प्रतिद्वंद्वी हैं। माइली द्वारा जस्टिस को कचरा कहने के पीछे वजह यह थी कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो से मिलने की इजाजत देने के अर्जेंटीना के अनुरोध को सीधे ठुकरा दिया था।
पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो पर तख्तापलट की कोशिश का गंभीर आरोप है, जिसके तहत उन्हें 27 साल की सजा मिली है और वह घर में नजरबंद हैं। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति की इस टिप्पणी के तुरंत बाद ब्राजील ने जुलाई में ब्यूनस आयर्स से अपने राजदूत जूलियो बिटेली को वापस बुलाकर अपना कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया था।
यह भी पढ़ें: तनाव के बीच अरामको को रिकॉर्ड मुनाफा! जानिए Saudi ने होर्मुज बंद होने पर क्या चाल चली
राजदूत की वापसी और अमेरिकी रुख
तब से लेकर अब तक अर्जेंटीना में ब्राजील का प्रतिनिधित्व केवल एक कार्यवाहक राजदूत कर रहा है, जो राजदूत से निचले स्तर का पद होता है। ब्राजील के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा है कि जब तक माइली बयानों को बंद नहीं करते हैं, तब तक राजदूत बिटेली वापस अर्जेंटीना काम पर नहीं लौटेंगे।
इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब मंगलवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने वाशिंगटन में ब्राजील के राजदूत का वीजा रद्द कर दिया। यह कार्रवाई ब्राजील द्वारा पिछले महीने दो अमेरिकी राजनयिकों को वीजा देने से मना करने के जवाब में की गई है। राजनयिक संबंधों का यह बढ़ता तनाव अब पूरे दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
