Documents Fraud: व्हाट्सऐप पर PAN-Aadhaar भेजने से पहले रुक जाएं, एक गलती पड़ सकती है भारी

Published on 19 अग॰ 2026

Wed, 19 Aug 2026 11:18 AM IST

यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Wed, 19 Aug 2026 11:18 AM IST

सार

Documents: व्हाट्सएप पर डॉक्यूमेंट्स भेजना सुविधाजनक जरूर है, लेकिन इससे डेटा के कई डिवाइस और क्लाउड अकाउंट तक पहुंचने का जोखिम रहता है। जहां संभव हो, आधिकारिक डिजिटल पोर्टल, DigiLocker या सुरक्षित वेरिफिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करें।
 

आज के दौर में कई जरूरी काम घर बैठे हो जाते हैं। लोन लेना हो, मकान किराए पर लेना हो या होटल में चेक-इन करना हो अक्सर संबंधित एजेंट या डीलर व्हाट्सऐप पर ही पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक स्टेटमेंट मांग लेते हैं। सामने से आया ऐसा मैसेज नॉर्मल लगता है और काम जल्दी निपटाने के चक्कर में लोग बिना ज्यादा सोचे डॉक्यूमेंट भेज देते हैं। लेकिन यही जल्दबाजी आगे चलकर आपकी प्राइवेसी और वित्तीय सुरक्षा के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

Sending PAN-Aadhaar on WhatsApp Know the Risks and Safer Ways to Share Documents

पैन-आधार भेजने से पहले ये सावधानियां - फोटो : Freepik

 व्हाट्सऐप पर डॉक्यूमेंट भेजने में क्या खतरा?
आपने व्हाट्सऐप पर कोई PDF या डॉक्यूमेंट भेजा और समझ लिया कि वह सिर्फ सामने वाले की चैट में रहेगा तो ऐसा जरूरी नहीं है। एजेंट या डीलर इसे अपने फोन, लैपटॉप या कंप्यूटर में डाउनलोड कर सकता है। इसके अलावा फाइल उसके निजी गूगल ड्राइव या किसी और क्लाउड बैकअप में भी सेव हो सकती है। यहां तक कि अगर सामने वाला व्यक्ति भरोसेमंद है और किसी तरह का फ्रॉड नहीं कर रहा, तब भी जोखिम खत्म नहीं होता। आपके सेंसेटिव डॉक्यूमेंट्स उसके डिवाइस में लंबे समय तक पड़े रह सकते हैं। भविष्य में फोन हैक होने या क्लाउड अकाउंट के साथ छेड़छाड़ होने पर ये जानकारी गलत हाथों तक पहुंच सकती है।

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पैन-आधार भेजने से पहले ये सावधानियां - फोटो : एआई जनरेटेड

पर्सनल नंबर से डॉक्यूमेंट मांगना क्यों चिंता की बात?
लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए Direct Selling Agents यानी DSAs का बड़ा नेटवर्क काम करता है। परेशानी तब बढ़ती है जब कोई एजेंट कंपनी के आधिकारिक सिस्टम के बजाय अपने निजी व्हाट्सएप नंबर पर दस्तावेज मांगता है। ऐसी स्थिति में आपका डेटा कंपनी की साइबर सिक्योरिटी व्यवस्था से बाहर चला जाता है। एक ही दस्तावेज की कई कॉपियां अलग-अलग डिवाइस में बन सकती हैं। बाद में यही जानकारी स्पैम कॉल, अनचाहे मैसेज और पहचान की चोरी यानी Identity Theft जैसी समस्याओं की वजह बन सकती है।

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पैन-आधार भेजने से पहले ये सावधानियां - फोटो : Adobe Stock

फिर डॉक्यूमेंट कैसे शेयर करें?
बैंक, लोन कंपनी या होटल को पहचान सत्यापित करने के लिए डॉक्यूमेंट्स की जरूरत हो सकती है, लेकिन इसके लिए सुरक्षित तरीका अपनाना जरूरी है। कंपनियों को व्हाट्सऐप पर फोटो या पीडीएफ मंगाने के बजाय अपने आधिकारिक और सुरक्षित डिजिटल पोर्टल का इस्तेमाल करना चाहिए। DigiLocker या UIDAI के Offline Verification System  जैसे ऑप्शन से भी पहचान को कंफर्म किया जा सकता है।

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पैन-आधार भेजने से पहले ये सावधानियां - फोटो : Adobe Stock

DPDP कानून में भी डेटा सुरक्षा पर जोर
डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन कानून कंपनियों को व्यक्तिगत डेटा तय उद्देश्य के लिए लेने और उसकी जिम्मेदारी से सुरक्षा करने पर जोर देता है। आधिकारिक पोर्टल के जरिए डॉक्यूमेंट्स देने पर डेटा के इस्तेमाल का रिकॉर्ड रहता है, जबकि व्हाट्सऐप पर भेजी गई फाइल पर आपका नियंत्रण काफी कम हो जाता है।