Updated On: Jul 16, 2026 | 07:48 PM IST
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सार
E20 Case: E20 पेट्रोल को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक अहम फैसला सामने आया है जिसने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और वाहन मालिकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

E20 Case (Source. Gemini)
विस्तार
E20 Compatible Car: E20 पेट्रोल को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक अहम फैसला सामने आया है जिसने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और वाहन मालिकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बता दें कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने Maruti Suzuki India को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई E20-फ्यूल कंपैटिबल कार उपलब्ध कराए। यदि कंपनी ऐसा करने में असफल रहती है तो उसे वाहन की कीमत 20,50,494 रुपये लौटानी होगी। इसके अलावा आयोग ने मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख और मुकदमे के खर्च के लिए 10,000 रुपये देने का भी आदेश दिया है।
E20 पेट्रोल डालने के बाद शुरू हुई इंजन की परेशानी
शिकायतकर्ता के अनुसार कार में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने के बाद इंजन में लगातार दिक्कतें आने लगीं। गाड़ी की परफॉर्मेंस प्रभावित हुई, इंजन मिसफायरिंग जैसी समस्या सामने आई और कई बार अधिकृत सर्विस सेंटर पर मरम्मत कराने के बावजूद खराबी पूरी तरह ठीक नहीं हुई। उपभोक्ता का दावा था कि इंजन की समस्या E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद ही शुरू हुई और लगातार बनी रही। इसी आधार पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
आयोग ने कंपनी की दलील को नहीं माना पर्याप्त
सुनवाई के दौरान Maruti Suzuki की ओर से कहा गया कि संबंधित वाहन E20 पेट्रोल के लिए उपयुक्त है और इंजन की खराबी सामान्य घिसावट या रखरखाव में कमी के कारण भी हो सकती है। लेकिन आयोग इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ। आयोग ने यह भी माना कि कई पेट्रोल पंपों पर केवल E20 पेट्रोल उपलब्ध था जिससे उपभोक्ता के पास दूसरा ईंधन चुनने का विकल्प लगभग नहीं था। रिकॉर्ड में यह भी सामने आया कि वाहन को कई बार सर्विस सेंटर ले जाया गया लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। आयोग ने इसे उपभोक्ता के पक्ष में एक महत्वपूर्ण तथ्य माना।
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क्यों अहम माना जा रहा है यह फैसला?
यह निर्णय E20 पेट्रोल से जुड़े विवादों में उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि यदि किसी नए ईंधन के उपयोग से उपभोक्ता को नुकसान होने का दावा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर साबित होता है तो संबंधित कंपनियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। लेकिन यह फैसला केवल इसी मामले के तथ्यों और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दिया गया है। इसका यह अर्थ नहीं है कि E20 पेट्रोल हर वाहन में ऐसी समस्या पैदा करेगा। भविष्य में ऐसे मामलों में अदालतें उपलब्ध सबूतों और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग निर्णय ले सकती हैं।
